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IWT पर फिर गरमाई राजनीति, बिलावल भुट्टो की बयानबाजी से बढ़ा तनाव

सिंधु जल संधि (IWT) को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भारतीय रुख की आलोचना करते हुए कड़ा बयान दिया है। वहीं भारत ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद और संधि से जुड़े मुद्दों पर उसका रुख सख्त बना रहेगा।

पाकिस्तान संसद में भारत के खिलाफ बयान

पाकिस्तान की संसद में बोलते हुए बिलावल भुट्टो जरदारी ने भारत पर सिंधु जल संधि के कथित उल्लंघन और पानी रोकने की कोशिशों के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने जल अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगा और यदि नदी के पानी के प्रवाह को बाधित किया गया तो इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। उनके इस बयान को भारत-पाकिस्तान संबंधों में बढ़ते तनाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

सिंधु जल संधि पर लगातार बयानबाजी

बिलावल भुट्टो पहले भी इस मुद्दे पर तीखी टिप्पणियां कर चुके हैं। भारत की ओर से संधि से जुड़े हालिया रुख के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। 1960 में हुई यह संधि दोनों देशों के बीच नदियों के जल बंटवारे को नियंत्रित करती है और लंबे समय से द्विपक्षीय संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है।

भारत का स्पष्ट रुख

भारत ने कई मौकों पर स्पष्ट किया है कि वह आतंकवाद और जल सहयोग के मुद्दों को अलग-अलग नहीं देख सकता। संयुक्त राष्ट्र में भारत ने दोहराया कि पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर अपनी नीति बदलनी होगी। भारतीय पक्ष का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में संधि से जुड़े फैसलों पर पुनर्विचार जरूरी है और किसी भी तरह की सहयोग प्रक्रिया वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर ही आगे बढ़ेगी।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उठा मुद्दा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद को लेकर अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी। भारत का कहना है कि पुराने समझौते समय और परिस्थितियों के अनुसार ही लागू हो सकते हैं और उन्हें स्थायी या बिना शर्त बाध्यकारी नहीं माना जा सकता।

तनाव के बीच बढ़ी कूटनीतिक चुनौती

सिंधु जल संधि को लेकर जारी बयानबाजी ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जल संसाधनों और सुरक्षा मुद्दों को लेकर जारी यह विवाद आने वाले समय में क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती बन सकता है।

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