अलवर : धनतेरस पर महंगे सोने का असर, चांदी के सिक्के और बर्तन बने पहली पसंद
धनतेरस पर सोना खरीदने की परंपरा कायम है, लेकिन इस बार बढ़ती कीमतों ने खरीदारी का तरीका बदल दिया है। अलवर के बाजारों में ग्राहक भारी जेवरों के बजाय चांदी के छोटे सिक्के, स्टील के बर्तन और पीतल के सामान खरीदने को प्राथमिकता दे रहे हैं। कई परिवारों ने शगुन की खरीदारी के लिए 4 से 5 हजार रुपए का बजट तय किया है। सोने और चांदी के ऊंचे भाव के बीच लोग अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार खरीदारी कर त्योहार की परंपरा निभाने की तैयारी कर रहे हैं।

मुख्य बातें
- सोना महंगा तो चांदी के सिक्कों की ओर रुख, धनतेरस पर बदली पसंद
- धनतेरस पर 5 हजार का बजट, सोने की जगह बर्तन खरीद रहे ग्राहक
- सोने के भाव सुनकर ग्राहक सतर्क, चांदी और स्टील के बर्तनों की मांग
ALWAR,03 NOV.2026:
सोने की कीमतों ने बदला खरीदारी का गणित
2 नवंबर 2026 के बाजार भाव के अनुसार 24 कैरेट सोना करीब 1.39 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना करीब 1.28 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी का भाव करीब 1.86 लाख रुपए प्रति किलो बताया गया है। इन ऊंची कीमतों का असर सामान्य परिवारों की खरीदारी पर दिखाई दे रहा है। कई ग्राहक भारी आभूषणों के बजाय कम वजन के गहने या छोटे सिक्के खरीदने का विकल्प तलाश रहे हैं। इससे धनतेरस पर खरीदारी का बजट पहले की तुलना में अधिक सीमित नजर आ रहा है।
चार से पांच हजार रुपए में शगुन की खरीदारी
महंगाई के बीच कई परिवारों ने धनतेरस की खरीदारी के लिए 4 से 5 हजार रुपए का बजट रखा है। ऐसे ग्राहक सोने के आभूषणों के बजाय स्टील के बर्तन, पीतल के सामान या चांदी के छोटे सिक्के खरीदने की योजना बना रहे हैं। लोगों का मानना है कि धनतेरस पर कुछ नया घर लाना शुभ होता है। इसलिए खरीदारी का महत्व केवल महंगी धातु तक सीमित नहीं है। परिवार अपनी जरूरत और आर्थिक स्थिति के अनुसार सामान चुन रहे हैं।
ग्राहकों के लिए परंपरा सबसे अहम
ग्राहक लव शर्मा का कहना है कि वह हर साल धनतेरस पर कुछ न कुछ खरीदते हैं। इस बार सोने की कीमत अधिक होने के कारण चांदी का छोटा सिक्का खरीदकर परंपरा निभाने की योजना है। वहीं कैलाश चंद के मुताबिक, महंगाई के दौर में घर का बजट संभालना भी जरूरी है। इसलिए वह 4 से 5 हजार रुपए में स्टील के बर्तन खरीदेंगे। उनके अनुसार, धनतेरस पर नया सामान खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसे में अपनी क्षमता के अनुसार खरीदारी करना बेहतर विकल्प है।
ज्वेलर्स के यहां सोने के भाव पूछ रहे ग्राहक
आभूषण कारोबारी राजेश सोनी के अनुसार, इस बार ग्राहक दुकानों पर सोने के भाव पूछने आ रहे हैं। लेकिन ऊंची कीमतों के कारण कई लोग चांदी और हल्के वजन के आभूषणों तक सीमित हैं। कुछ ग्राहक एक या दो ग्राम के विकल्प भी तलाश रहे हैं। उनका कहना है कि धनतेरस पर खरीदारी की परंपरा महत्वपूर्ण है, लेकिन लोग अपनी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर फैसला कर रहे हैं।
चांदी के सिक्कों और छोटे गिफ्ट आइटम की मांग
आभूषण कारोबारी संदीप अग्रवाल के मुताबिक, चांदी के सिक्कों की मांग बनी हुई है। ग्राहक पांच से दस ग्राम के सिक्के और छोटे गिफ्ट आइटम पसंद कर रहे हैं। कुछ लोग सोना-चांदी खरीदने के बजाय बर्तनों की दुकानों से सामान ले रहे हैं। हालांकि, धनतेरस के दिन ज्वेलर्स की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रहने की उम्मीद है। कई ग्राहक अब भी सोना-चांदी खरीदने को ही प्राथमिकता देते हैं। बाजार में इस बार अलग-अलग बजट और पसंद के अनुसार खरीदारी के विकल्प दिखाई दे रहे हैं।
परंपरा और बजट के बीच संतुलन
धनतेरस पर खरीदारी को शुभ मानने की परंपरा के बीच इस बार ग्राहकों का जोर बजट के अनुरूप सामान चुनने पर है। सोने की कीमतों ने खरीदारी की प्राथमिकताओं को प्रभावित किया है। इसके चलते चांदी के छोटे सिक्के, हल्के आभूषण, स्टील के बर्तन और पीतल के सामान बाजार में पसंद किए जा रहे हैं। कुल मिलाकर ग्राहक परंपरा निभाने के साथ घरेलू खर्च का संतुलन भी बनाए रखना चाहते हैं।
प्रशासन का पक्ष
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