मुजफ्फरपुर में भयंकर धमाका: नाला निर्माण के दौरान फटी गैस पाइपलाइन, भड़की आग से इलाके में मचा हड़कंप..

मुख्य बातें
- मुजफ्फरपुर में भयंकर धमाका: नाला निर्माण के दौरान फटी गैस पाइपलाइन, भड़की आग..
- गोबरसही में गैस लीक से मचा हड़कंप: पीएनजी लाइन फटने से भगदड़ जैसी स्थिति.
- मुजफ्फरपुर हादसा: खुदाई के दौरान गैस पाइपलाइन फटने से भयंकर आगजनी, वीडियो वायरल..
03-11-2026 मुजफ्फरपुर:
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोबरसही में एक भयंकर हादसा पेश आ गया। यहां सड़क किनारे नाला निर्माण का कार्य चल रहा था, जिसके दौरान जमीन की खुदाई की जा रही थी। इसी प्रक्रिया के दौरान अचानक जमीन के नीचे बिछी मुख्य पीएनजी (Piped Natural Gas) पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन फटते ही वहां से तेज रफ्तार से गैस रिसने लगी। देखते ही देखते रगड़ या किसी चिंगारी के कारण उस गैस में भयंकर आग भड़क उठी, जिससे पूरा इलाका धुएं की लपेट में आ गया और वहां मौजूद मजदूर व स्थानीय लोग दहशत में आ गए।
अफरा-तफरी का माहौल: भगदड़ से बचा लोग अपना जान
धमाके और आग की लपटों को देखते ही गोबरसही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय
निवासी और निर्माण कार्य में लगे मजदूर अपनी जान बचाकर भागने लगे, जिससे वहां भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ तौर पर पाइपलाइन से निकलती गैस और भड़कती आग की लपटों को देखा जा सकता है। वीडियो में लोगों को चिल्लाते हुए और सुरक्षित दूरी बनाते हुए भी देखा गया है। इस अचानक हुए हादसे ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया: फायर ब्रिगेड और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
इस गंभीर घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस फोर्स तुरंत मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को भी तत्काल बुलाया गया ताकि भड़की हुई आग पर काबू पाया जा सके और आग को आस-पास के अन्य घरों या संपत्तियों तक फैलने से रोका जा सके। पुलिस ने तुरंत इलाके को सील कर दिया और आम जनता को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त अपील की। साथ ही, संबंधित गैस कंपनी के अधिकारियों को भी सूचित किया गया ताकि वे मुख्य वाल्व बंद करके गैस की आपूर्ति रोक सकें और आगे किसी बड़े नुकसान को टाला जा सके।
सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल: खुदाई से पहले मानचित्र की अनिवार्यता

इस हादसे ने शहर में बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्यों के दौरान अपनाए जा रहे सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारों का मानना है कि खुदाई शुरू करने से पहले संबंधित विभागों से भूमिगत यूटिलिटी लाइनों (जैसे गैस, बिजली, पानी) का मानचित्र (map) प्राप्त करना अनिवार्य होता है। ऐसा प्रतीत होता है कि इस मामले में या तो इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया या फिर पाइपलाइन की गहराई का सही अनुमान नहीं लगाया गया। स्थानीय लोगों ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ताकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
पुलिस का पक्ष
जांच जारी है..
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