अलवर : परिवर्तन योजना में 4589 ट्रक-बस शामिल, अब तक सिर्फ 820 का पंजीयन
एनसीआर क्षेत्र में वाहन प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई केंद्र सरकार की परिवर्तन योजना को अलवर और भिवाड़ी में अपेक्षित रफ्तार नहीं मिल रही है। योजना के दायरे में कुल 4589 ट्रक और बसें शामिल हैं, लेकिन अब तक केवल 820 वाहनों का पंजीयन हुआ है। यानी करीब 18 प्रतिशत वाहन मालिकों ने ही योजना के लिए पंजीयन कराया है। परिवहन विभाग ने नवंबर के अंत तक 1850 वाहनों का पंजीयन करने का लक्ष्य तय किया है। योजना के तहत पुराने वाहनों को हटाकर बीएस-6, इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्य बातें
- नवंबर अंत तक 1850 पंजीयन का लक्ष्य, वाहन मालिकों से अपील
- अलवर-भिवाड़ी में परिवर्तन योजना की धीमी रफ्तार, 18% पंजीयन
- 4589 ट्रक-बस बदलने के दायरे में, अब तक 820 ने कराया पंजीयन
ALWAR-BHIWADI, 03 NOV. 2026:
4589 वाहनों को योजना का लाभ देने की तैयारी
परिवहन विभाग के अनुसार, अलवर और भिवाड़ी परिवहन कार्यालयों के क्षेत्राधिकार में कुल 4589 ट्रक और बसें परिवर्तन योजना के दायरे में आती हैं। इनमें अलवर कार्यालय क्षेत्र के 3144 और भिवाड़ी क्षेत्र के 1445 वाहन शामिल हैं। योजना का उद्देश्य पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाना है। इसके लिए वाहन मालिकों को नए और पर्यावरण के अनुकूल वाहन खरीदने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। हालांकि, अब तक पंजीयन का आंकड़ा अपेक्षा से कम बना हुआ है।
अब तक केवल 820 वाहनों का पंजीयन
योजना के तहत अब तक अलवर और भिवाड़ी में कुल 820 वाहनों का पंजीयन हुआ है। इनमें अलवर परिवहन कार्यालय क्षेत्र के 620 और भिवाड़ी के 200 वाहन शामिल हैं। कुल पात्र वाहनों की तुलना में यह संख्या करीब 18 प्रतिशत है। इससे साफ है कि अभी बड़ी संख्या में वाहन मालिकों ने योजना के लिए आवेदन या पंजीयन नहीं कराया है। परिवहन विभाग अब वाहन स्वामियों तक योजना की जानकारी पहुंचाने और पंजीयन प्रक्रिया को गति देने में जुटा है।
नवंबर अंत तक 1850 पंजीयन का लक्ष्य
परिवहन विभाग ने नवंबर 2026 के अंत तक 1850 से अधिक वाहनों का पंजीयन कराने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रयास तेज किए जा रहे हैं। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अभी एक हजार से अधिक अतिरिक्त पंजीयन कराने होंगे। विभाग की चुनौती वाहन मालिकों को योजना के लाभ समझाने और उन्हें पुराने वाहनों को बदलने के लिए प्रोत्साहित करने की है। आने वाले दिनों में पंजीयन की रफ्तार से लक्ष्य की प्रगति तय होगी।
पुराने वाहनों को बीएस-6, इलेक्ट्रिक और सीएनजी से बदलने का अवसर
परिवर्तन योजना के तहत बीएस-4 और इससे कम उत्सर्जन मानक वाले ट्रक एवं बसों को नए बीएस-6, इलेक्ट्रिक या सीएनजी वाहनों से बदलने का अवसर दिया जा रहा है। बीएस-3 और इससे पुराने मानकों के वाहनों को वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से स्क्रैप कराने का प्रावधान भी बताया गया है। इसका मकसद पुराने प्रदूषणकारी वाहनों की जगह अपेक्षाकृत कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़क पर लाना है। इससे एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने के प्रयासों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नए वाहन खरीदने पर मिलेंगी आर्थिक रियायतें
योजना में नए वाहन खरीदने वाले पात्र वाहन स्वामियों को कई तरह की आर्थिक छूट देने का प्रावधान है। इनमें मोटर वाहन कर और पंजीयन शुल्क में 100-100 प्रतिशत छूट शामिल है। इसके अलावा वाहन ऋण पर 5 प्रतिशत की छूट, प्रतिमाह फ्यूल वाउचर और पुराने वाहन पर बकाया कर में राहत का भी उल्लेख है। वाहन निर्माता कंपनियों की ओर से नए वाहन की कीमत में 8 प्रतिशत तक छूट दिए जाने की जानकारी दी गई है। इन प्रोत्साहनों के जरिए वाहन मालिकों को पुराने वाहनों के स्थान पर नए वाहन अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण के साथ वाहन मालिकों को राहत देने की कोशिश
परिवर्तन योजना का उद्देश्य केवल पुराने वाहनों को हटाना नहीं, बल्कि व्यावसायिक परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ईंधन और बेहतर उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों को बढ़ावा देना भी है। अलवर और भिवाड़ी में पात्र वाहनों की संख्या को देखते हुए योजना का दायरा बड़ा है। लेकिन अब तक कम पंजीयन होने से विभाग के सामने लक्ष्य पूरा करने की चुनौती है। नवंबर के अंत तक 1850 पंजीयन का लक्ष्य हासिल करने के लिए वाहन मालिकों की भागीदारी बढ़ाना जरूरी होगा।
प्रशासन का पक्ष
NOTHING
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