जयपुर:दिवाली से पहले पूर्व विधायक बलजीत यादव को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, 3.72 करोड़ के कथित घोटाले में मिली जमानत...समर्थकों में खुशी का माहौल
राजस्थान के पूर्व विधायक बलजीत यादव को दिवाली से पहले राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA फंड) में कथित अनियमितताओं और करीब 3.72 करोड़ रुपए के मामले में जेल में बंद बलजीत यादव की दूसरी जमानत याचिका हाईकोर्ट ने स्वीकार कर ली है। जस्टिस रवि चिरानिया की एकलपीठ ने उनकी रिहाई के आदेश दिए हैं। ईडी ने उन्हें 3 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया था।

मुख्य बातें
- राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक बलजीत यादव की दूसरी जमानत याचिका स्वीकार कर ली
- बहरोड़ क्षेत्र के 32 सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री खरीद के दौरान सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है।
- एसीबी ने सबसे पहले भ्रष्टाचार के आरोपों में मामला दर्ज किया था।
JAIPUR,04 NOV. 2026:
दिवाली से पहले हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत
राजस्थान के पूर्व विधायक बलजीत यादव को दिवाली से पहले राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिली है। विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA फंड) में कथित वित्तीय अनियमितताओं और करीब 3.72 करोड़ रुपए के मामले में जेल में बंद बलजीत यादव की दूसरी जमानत याचिका स्वीकार कर ली गई है। जस्टिस रवि चिरानिया की एकलपीठ ने उनकी जमानत मंजूर करते हुए रिहाई के आदेश दिए हैं। इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता चित्रांश सक्सेना ने पैरवी की।
3 फरवरी 2026 को ईडी ने किया था गिरफ्तार
बलजीत यादव को विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के कथित दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था। ईडी ने 3 फरवरी 2026 को उन्हें हिरासत में लिया था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद 7 फरवरी को उन्हें जयपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया। इसके बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। अब राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ है।
32 सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री खरीद पर उठे सवाल
इस मामले में बलजीत यादव पर बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के 32 सरकारी स्कूलों के लिए खेल सामग्री खरीद में MLA फंड के दुरुपयोग का आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार स्कूलों के लिए बैडमिंटन और क्रिकेट किट खरीदी गई थीं। आरोप है कि इन सामग्रियों की खरीद निर्धारित कीमतों से कई गुना अधिक दर पर की गई। इसी खरीद प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं की आशंका सामने आई थी। जांच एजेंसियों ने इस पूरे मामले में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की पड़ताल की।
सरकारी खजाने को 3.72 करोड़ रुपए के नुकसान का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, खेल सामग्री खरीद में कथित अनियमितताओं के कारण सरकारी खजाने को करीब 3.72 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इस मामले में कुछ फर्मों के संचालकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। एजेंसियों ने वित्तीय लेनदेन और खरीद प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। ईडी ने इसी आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की पड़ताल शुरू की थी। हालांकि, ये सभी आरोप हैं और मामले का अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आना बाकी है।
ACB ने 12 दिसंबर 2024 को दर्ज किया था मामला
इस प्रकरण में सबसे पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई की थी। एसीबी ने 12 दिसंबर 2024 को बलजीत यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। जांच का मुख्य आधार विधायक निधि से सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री की खरीद और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन रहे। आगे की जांच में कई फर्मों और संबंधित लोगों की भूमिका भी सामने आई।
दूसरी जमानत याचिका स्वीकार होने से मिली राहत
लंबे समय से न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे पूर्व विधायक बलजीत यादव को अब हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। जस्टिस रवि चिरानिया की एकलपीठ ने उनकी दूसरी जमानत याचिका स्वीकार की। अदालत के आदेश के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया संबंधित कानूनी औपचारिकताओं के अनुसार पूरी होगी। इस मामले में आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
प्रशासन का पक्ष
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