सिलीसेढ़ के पास सौदानपुरा गांव के खेत में दिखा बाघ,
अलवर। सरिस्का बाघ परियोजना के आसपास के ग्रामीण इलाकों में बाघों की आवाजाही से ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है…

मुख्य बातें
- सिलीसेढ़ के पास सौदानपुरा गांव के खेत में दिखा बाघ,
- सिंचाई कर रहे किसान के उड़े होश;
- ग्रामीणों में दहशत
04-11-2026:
सिलीसेढ़ के पास सौदानपुरा गांव के खेत में दिखा बाघ,
सिंचाई कर रहे किसान के उड़े होश; ग्रामीणों में दहशत
अलवर। सरिस्का बाघ परियोजना के आसपास के ग्रामीण इलाकों में बाघों की आवाजाही से ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। अब सिलीसेढ़ के समीप सौदानपुरा गांव में एक बाघ खेत में घूमता नजर आया। जिस समय बाघ खेत में दिखाई दिया, उस दौरान किसान प्याज की फसल की सिंचाई कर रहा था। खेत में बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार सौदानपुरा निवासी प्रकाश चेची अपने प्याज के खेत में सिंचाई कर रहे थे। इसी दौरान खेत के आसपास अचानक एक बाघ दिखाई दिया। किसान खेत में कृषि कार्य में जुटा हुआ था, तभी बाघ की मौजूदगी सामने आई। घटना के बाद क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसान सुबह से शाम तक खेतों में रहकर फसलों की देखभाल और सिंचाई सहित अन्य कृषि कार्य करते हैं। कई बार किसान अकेले ही खेतों में काम करते हैं। ऐसे में खेतों के आसपास बाघ की मौजूदगी उनके लिए गंभीर खतरे की आशंका पैदा करती है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय खेतों में काम करने वाले किसानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
ग्रामीणों का कहना है कि सौदानपुरा और सिलीसेढ़ क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग को नियमित निगरानी और गश्त बढ़ानी चाहिए। साथ ही वन्यजीवों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में विशेष नजर रखने के साथ ग्रामीणों को सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जाने चाहिए।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि किसानों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र में नियमित गश्त की जाए और बाघ की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि खेतों में काम करने वाले किसानों और ग्रामीणों को किसी अनहोनी का सामना नहीं करना पड़े।
प्रशासन का पक्ष
.....
इस खबर में कोई गलती दिखी? हमें बताएं





