श्रीगंगानगर में शहजाद भट्टी के कथित नेटवर्क का खुलासा, 3 युवक गिरफ्तार; सोशल मीडिया ग्रुप के सदस्य जांच के घेरे में
राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी से जुड़े कथित नेटवर्क को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की है। रायसिंहनगर पुलिस ने खुफिया इनपुट के आधार पर तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सोशल मीडिया के जरिए स्थानीय युवाओं को जोड़कर नेटवर्क का विस्तार करने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस अब ग्रुप में शामिल लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। मामले में किशोरों को आर्थिक लालच देकर जोड़ने की आशंका भी जताई गई है।

मुख्य बातें
- श्रीगंगानगर में शहजाद भट्टी के कथित नेटवर्क का खुलासा, 3 गिरफ्तार
- सोशल मीडिया से युवाओं को जोड़ने का आरोप, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
- सीमावर्ती राजस्थान में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, तीन युवक गिरफ्तार
SHRIGANGANAGAR, 08 NOV. 2026:
सोशल मीडिया ग्रुप बनाकर युवाओं को जोड़ने का आरोप
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले में सुरक्षा एजेंसियों को कथित नेटवर्क को लेकर इनपुट मिले थे। इसके बाद रायसिंहनगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया।पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से स्थानीय लोगों को अपने संपर्क में लाने की कोशिश कर रहे थे। इसके लिए एक ग्रुप बनाया गया था। उसमें नए सदस्यों को जोड़े जाने की जानकारी सामने आई है।गिरफ्तार युवकों की पहचान सुमित शर्मा पुत्र राजेश शर्मा, गणेश नायक पुत्र रामस्वरूप नायक और निखिल जाट पुत्र विनोद कुमार के रूप में बताई गई है। इनके पते क्रमशः एक एनजेडपी, एक एनजेडपी और गोमांवाली बताए गए हैं।
किशोरों को कमीशन देकर जोड़ने की आशंका
जांच में 14 से 19 वर्ष तक के किशोर-किशोरियों को कथित नेटवर्क से जोड़ने की आशंका सामने आई है। बताया जा रहा है कि युवाओं को इसके बदले मोटा कमीशन देने का लालच दिया जा सकता था।पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि पंजाब के मादक पदार्थों के तस्करों के माध्यम से युवाओं को इस नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश हुई थी या नहीं। एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि युवाओं से किसने संपर्क किया और उन्हें किस तरह के काम का लालच दिया गया।हालांकि, इन आशंकाओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सोशल मीडिया ग्रुप के सदस्यों की भूमिका की जांच
पुलिस अधीक्षक हरीशंकर के अनुसार, गिरफ्तार तीनों युवकों से पूछताछ की जा रही है। सोशल मीडिया ग्रुप में शामिल नए सदस्यों की पहचान और उनके संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ग्रुप में शामिल लोगों की भूमिका क्या थी। साथ ही, सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को जोड़ने के प्रयासों की भी पड़ताल की जा रही है।पुलिस डिजिटल संपर्कों और खुफिया इनपुट के आधार पर कथित नेटवर्क की अन्य कड़ियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पंजाब के तस्करों से संपर्क की भी पड़ताल
पुलिस पकड़े गए युवकों के पंजाब के मादक पदार्थों के तस्करों से संभावित संपर्कों की भी जांच कर रही है। फिलहाल इस संबंध में सामने आई जानकारी की पुष्टि की जा रही है।अधिकारियों के अनुसार, इन युवकों की भूमिका को फिलहाल रामसिंहपुर रेलवे ट्रैक ब्लास्ट प्रकरण से जुड़ा हुआ नहीं माना गया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
पहले भी सामने आ चुकी हैं भट्टी नेटवर्क से जुड़ी गिरफ्तारियां
श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ क्षेत्र में इससे पहले भी शहजाद भट्टी के कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हनुमानगढ़ के किशनपुरा दिखनादा निवासी जसवंत उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद सुनील उर्फ धोलू और कृश उर्फ शान की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई।आरोप है कि कृश ने हनुमानगढ़ टाउन और रायसिंहनगर थानों की रेकी कर वीडियो भट्टी तक पहुंचाए थे। वहीं, लालगढ़ जाटान पुलिस ने सैन्य छावनी के नजदीक केरा गांव से आकाशदीप को भी गिरफ्तार किया था।इन मामलों के बाद सीमावर्ती इलाकों में सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से संपर्क बनाने की गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ी है।
पुलिस का पक्ष
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया।पु
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