अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर जोरदार धमाका, दो स्लीपर टूटे; चार ट्रेनें रद्द, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर गांव 50 जीबी के पास मंगलवार रात संदिग्ध विस्फोट से हड़कंप मच गया। धमाके से रेलवे ट्रैक के दो कंक्रीट स्लीपर टूट गए और पटरियों के बीच करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया। घटना के बाद पुलिस, रेलवे प्रशासन, आईबी, सीआईडी और एटीएस सहित सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गईं। एहतियातन बुधवार को इस रेलखंड की चारों रेलसेवाएं रद्द कर दी गईं।

मुख्य बातें
- मंगलवार रात करीब पौने दस बजे गांव 50 जीबी के पास अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर संदिग्ध विस्फोट हुआ।
- धमाके से रेलवे ट्रैक के नीचे लगे दो स्लीपर टूट गए। पटरियों के बीच करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया।
- एसपी सहित पुलिस, प्रशासन, आईबी, सीआईडी, एटीएस और एफएसएल की टीमें मौके पर पहुंचीं।
SHRI GANGANAGAE, 04NOV. 2026:
अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर रात में हुआ जोरदार विस्फोट
श्रीगंगानगर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध विस्फोट की घटना सामने आई है। मंगलवार रात अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर गांव 50 जीबी के पास जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि रेलवे ट्रैक के नीचे लगे सीमेंट के दो स्लीपर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, दोनों पटरियों के बीच करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया। धमाके की आवाज लगभग 200 मीटर दूर स्थित ढाणी तक सुनाई दी। आवाज सुनकर ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए और घटना की जानकारी रेलवे प्रशासन को दी।
यात्री ट्रेन गुजरने के करीब 45 मिनट बाद हुआ धमाका
प्रत्यक्षदर्शी जसपाल सिंह के अनुसार मंगलवार रात करीब 8:30 बजे अनूपगढ़ से सूरतगढ़ की ओर यात्री ट्रेन रवाना हुई थी। ट्रेन के गांव 50 जीबी के पास से गुजरने के लगभग 45 मिनट बाद रात पौने दस बजे धमाका हुआ। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर पहुंचे। ग्रामीणों ने तत्काल रेलवे गेटमैन को सूचना दी। इसके बाद रेलवे प्रशासन और पुलिस को मामले से अवगत कराया गया। रात करीब 11 बजे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल को सुरक्षा घेरे में लेकर आमजन की आवाजाही बंद करवा दी।
धमाके से दो स्लीपर टूटे, ट्रैक के बीच बना गहरा गड्ढा
विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा रेलवे ट्रैक को हुए नुकसान से लगाया जा सकता है। धमाके में पटरी के नीचे लगे कंक्रीट के दो स्लीपर पूरी तरह टूट गए। स्लीपरों का कंक्रीट बिखर गया और उनमें लगी लोहे की सरियां बाहर निकल आईं। इसके अलावा आसपास बिछी रेलवे गिट्टी भी दूर तक बिखर गई। पटरियों के बीच लगभग दो फीट गहरा गड्ढा बन गया। रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का निरीक्षण किया। ट्रैक की तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत के बाद ही रेल यातायात बहाल किया जा सकेगा।
एसपी सहित आईबी, सीआईडी और एटीएस की टीमें पहुंचीं
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीलम, अतिरिक्त जिला कलेक्टर अशोक सागवा और एसडीएम साक्षी पुरी सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। रात करीब दो बजे आईबी और सीआईडी की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचीं। इसके बाद रात सवा दो बजे एटीएस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार ने भी मौके का जायजा लिया। एफएसएल, डॉग स्क्वायड, बीटीएस और आरआरडी की टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए।
100 मीटर का क्षेत्र सुरक्षा घेरे में, नमूने जुटाकर जांच शुरू
जांच एजेंसियों ने घटनास्थल के आसपास लगभग 100 मीटर के दायरे में आमजन की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी। एफएसएल टीम ने मौके से नमूने एकत्रित किए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव के अनुसार विस्फोट की तीव्रता, इसके पीछे की मंशा और घटना में शामिल लोगों के संबंध में जांच की जा रही है। फिलहाल विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
बुधवार को चारों रेलसेवाएं रद्द, यात्रियों को हुई परेशानी
रेलवे ट्रैक को हुए नुकसान और सुरक्षा जांच के चलते उत्तर पश्चिम रेलवे ने बुधवार, 4 नवंबर को सूरतगढ़-अनूपगढ़ रेलखंड पर संचालित होने वाली चारों रेलसेवाएं रद्द कर दीं। रद्द की गई ट्रेनों में गाड़ी संख्या 59715, 59716, 59711 और 59712 शामिल हैं। अचानक रेलसेवाएं बंद होने से अनूपगढ़, सूरतगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे प्रशासन की ओर से ट्रैक की जांच और मरम्मत के बाद ही रेल यातायात बहाल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
रावला में आरडीएक्स और हथियारों की बरामदगी के बाद बढ़ी चर्चा
गौरतलब है कि अक्टूबर महीने में रावला मंडी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए थे। कार्रवाई के दौरान 7.750 किलोग्राम आरडीएक्स, दो पिस्तौल, चार मैगजीन, करीब 867 कारतूस, पांच बैटरियां और दो रिमोट बरामद हुए थे। अब सीमावर्ती क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध विस्फोट की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि जिला प्रशासन ने दोनों घटनाओं के बीच किसी तरह का संबंध होने की पुष्टि नहीं की है।
विस्फोट के पीछे की वजह तलाश रहीं जांच एजेंसियां
फिलहाल रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। जांच एजेंसियां इस्तेमाल की गई सामग्री, घटना के उद्देश्य और संभावित साजिश सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई में लगी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि रेलवे ट्रैक पर विस्फोट किसने और किन परिस्थितियों में किया।
पुलिस का पक्ष
विस्फोट के पीछे की वजह तलाश रहीं जांच एजेंसियां
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