Rajasthan: कहीं मुंह में फटा पटाखा तो कहीं गिलास के नीचे रखा बम बना हादसे की वजह, 5 बच्चे घायल
दीपावली पर राजस्थान में पटाखों से जुड़े दो अलग-अलग हादसों में पांच बच्चे घायल हो गए। कोटपूतली के बानसूर में पांच वर्षीय बच्चे के मुंह में पटाखा फट गया। धमाके से उसका चेहरा झुलस गया और जबड़े में गंभीर चोट आई। वहीं, अजमेर के अलवर गेट क्षेत्र में सुतली बम के ऊपर स्टील का गिलास रखने से हुए विस्फोट में चार बच्चे घायल हो गए। एक बच्चे के पेट में स्टील का टुकड़ा घुस गया। दोनों घटनाओं ने पटाखे चलाते समय बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

मुख्य बातें
- राजस्थान में पटाखों से 5 बच्चे घायल, बानसूर में मासूम के मुंह में फटा पटाखा
- दीपावली पर दो बड़े हादसे, एक बच्चे के पेट में घुसा स्टील का टुकड़ा
- पटाखों के साथ खतरनाक प्रयोग पड़े भारी, राजस्थान में पांच बच्चे घायल
KOTPUTLI-BEHROR, 08 NOV. 2026:
पांच वर्षीय बच्चे के मुंह में फटा पटाखा
कोटपूतली के बानसूर में दीपावली के दौरान एक गंभीर हादसा सामने आया। यहां पांच वर्षीय कार्तिक के मुंह में पटाखा फट गया। धमाके से बच्चे के चेहरे का एक हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। उसके जबड़े में भी गंभीर चोट आई।परिजन तुरंत बच्चे को कोटपूतली के राजकीय बीडीएम चिकित्सालय लेकर पहुंचे। ट्रोमा नर्सिंग प्रभारी श्रीराम सराधना के अनुसार, बच्चे की हालत गंभीर थी। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जयपुर रेफर कर दिया।
स्टील के गिलास के नीचे सुतली बम रखने से हादसा
दूसरी घटना अजमेर शहर के अलवर गेट क्षेत्र स्थित मिस्त्री मोहल्ले में हुई। शनिवार को कुछ बच्चे सुतली बम के ऊपर स्टील का गिलास रखकर उसके उछलने का इंतजार कर रहे थे।लेकिन धमाके के दौरान गिलास हवा में जाने के बजाय टूटकर बिखर गया। स्टील के टुकड़े आसपास खड़े बच्चों को जा लगे। इस हादसे में चार बच्चे घायल हो गए।
आठ वर्षीय बच्चे के पेट में घुसा स्टील का टुकड़ा
हादसे में आठ वर्षीय दिशांत के पेट में स्टील का करीब डेढ़ सेंटीमीटर लंबा टुकड़ा घुस गया। उसे जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने करीब डेढ़ घंटे तक ऑपरेशन कर पेट से टुकड़ा निकाला।वहीं, 10 वर्षीय प्रज्ञा को गहरा कट लगने पर पांच से छह टांके लगाने पड़े। दो अन्य बच्चे जतिन और कबीर भी घायल हुए। उन्हें भी चोटें आईं।
पटाखे चलाते समय बच्चों की सुरक्षा जरूरी
दीपावली पर पटाखों के साथ थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। बच्चों को पटाखे चलाते समय अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।
- पटाखे को कभी मुंह में नहीं रखना चाहिए।
- जलते हुए पटाखे को हाथ में पकड़कर नहीं रखना चाहिए।
- पटाखे के ऊपर गिलास, डिब्बा या कोई दूसरी वस्तु नहीं रखनी चाहिए।
- पटाखा जलाने के बाद उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए।
- नहीं फूटने वाले पटाखे के पास जाकर दोबारा आग नहीं लगानी चाहिए।
- बच्चों को हमेशा बड़ों की निगरानी में ही पटाखे चलाने चाहिए।
इन दोनों घटनाओं में बच्चों को गंभीर चोटें आईं। ऐसे में अभिभावकों की सतर्कता और सुरक्षित तरीके से आतिशबाजी करना बेहद जरूरी है।
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