Rajasthan News: वाहन के दस्तावेज एक्सपायर हुए तो नहीं बेच सकेंगे गाड़ी, परिवहन मंत्रालय ने शुरू की नई व्यवस्था
वाहन का बीमा, पीयूसी, फिटनेस और रजिस्ट्रेशन जैसे जरूरी दस्तावेज समय पर रिन्यू नहीं कराना अब वाहन मालिकों के लिए परेशानी बन सकता है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वाहन पोर्टल पर डिजिटल निगरानी की नई व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत दस्तावेजों की वैधता समाप्त होने पर वाहन मालिकों को SMS अलर्ट भेजे जा रहे हैं। राजस्थान में एक लाख से अधिक वाहन मालिकों को अलर्ट भेजे गए हैं। इनमें जयपुर के करीब 25 हजार वाहन मालिक शामिल हैं। लंबे समय तक दस्तावेज अपडेट नहीं कराने पर वाहन आर्काइव श्रेणी में जा सकता है। इसके बाद वाहन की खरीद-फरोख्त और मालिकाना हक का ट्रांसफर प्रभावित होगा।

मुख्य बातें
- वाहन के दस्तावेज एक्सपायर हुए तो नहीं बेच सकेंगे गाड़ी!
- राजस्थान के एक लाख वाहन मालिकों को SMS अलर्ट, जानें नया नियम
- वाहन पोर्टल पर नई व्यवस्था, दस्तावेज अपडेट नहीं तो गाड़ी होगी आर्काइव
JAIPUR, 08 NOV. 2026:
दस्तावेज एक्सपायर होते ही मिलेगा SMS अलर्ट
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वाहन पोर्टल पर डिजिटल रिकॉर्ड की निगरानी के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत वाहन से जुड़े जरूरी दस्तावेजों की वैधता पर नजर रखी जाएगी।बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी पीयूसी, फिटनेस और रजिस्ट्रेशन की वैधता समाप्त होने पर वाहन मालिकों को SMS भेजा जा रहा है। इसका उद्देश्य वाहन मालिकों को समय रहते दस्तावेज रिन्यू कराने के लिए सतर्क करना है।राजस्थान में अब तक एक लाख से अधिक वाहन मालिकों को ऐसे अलर्ट भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें जयपुर के लगभग 25 हजार वाहन मालिक शामिल हैं।
आर्काइव श्रेणी में जाने पर नहीं हो सकेगा ट्रांसफर
नई व्यवस्था के तहत निर्धारित समय तक दस्तावेज अपडेट नहीं कराने पर वाहन का स्टेटस बदला जा सकता है। ऐसे वाहनों को वाहन पोर्टल पर आर्काइव श्रेणी में रखा जाएगा।आर्काइव श्रेणी में पहुंचने के बाद वाहन की खरीद-फरोख्त और मालिकाना हक का ट्रांसफर नहीं हो सकेगा। यानी वाहन बेचने या दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया प्रभावित होगी।वाहन को दोबारा एक्टिव कराने के लिए डिजिटल और मैनुअल सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है। इसलिए वाहन मालिकों को अपने सभी जरूरी दस्तावेजों की वैधता समय पर जांचनी होगी।
चार श्रेणियों में दिखाई देगा वाहन का स्टेटस
नई डिजिटल व्यवस्था में दस्तावेजों की स्थिति के आधार पर वाहनों को चार श्रेणियों में बांटा जाएगा।
- एक्टिव-कम्प्लायंट: वाहन के सभी जरूरी दस्तावेज वैध होने पर इस श्रेणी में रहेगा।
- एक्टिव-नॉन कम्प्लायंट: किसी एक जरूरी दस्तावेज की वैधता समाप्त होने पर वाहन इस श्रेणी में आएगा।
- अस्थायी आर्काइव: लंबे समय तक दस्तावेज अपडेट नहीं कराने पर वाहन को अस्थायी रूप से आर्काइव किया जा सकेगा।
- स्थायी आर्काइव: निर्धारित अवधि तक दस्तावेजों का नवीनीकरण नहीं कराने पर वाहन स्थायी आर्काइव श्रेणी में पहुंच सकता है।
इस व्यवस्था के तहत वाहन का स्टेटस उसकी दस्तावेजी स्थिति के अनुसार अपडेट होगा। आर्काइव में पहुंचे वाहन को दोबारा एक्टिव कराने के लिए निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
20 नवंबर तक फेसलेस होंगी वाहन और लाइसेंस सेवाएं
परिवहन मंत्रालय वाहन और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं को फेसलेस बनाने की तैयारी भी कर रहा है। दी गई जानकारी के अनुसार, नई प्रक्रिया 20 नवंबर तक एनआईसी पोर्टल पर लागू की जाएगी।इसके बाद ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण, डुप्लीकेट लाइसेंस, नाम परिवर्तन और इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा।इसके अलावा वाहन की आरसी से जुड़ी सेवाएं, हाइपोथिकेशन समाप्ति और टूरिस्ट व नेशनल परमिट से संबंधित प्रक्रियाएं भी डिजिटल होंगी। इससे वाहन मालिकों को कई सेवाओं के लिए परिवहन कार्यालय जाने की जरूरत कम हो सकती है।
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