श्रीगंगानगर जेल में तलाशी के दौरान हंगामा, चाय के मग से जेलर पर हमला; अस्पताल में भर्ती
श्रीगंगानगर केन्द्रीय कारागृह में बंदियों की औचक तलाशी के दौरान विवाद हो गया। एक बंदी के पास नशीली वस्तु मिलने के बाद तलाशी का विरोध किया गया। आरोप है कि इसी दौरान एक बंदी ने चाय के मग से जेलर पर हमला कर दिया। जेलर के हाथ में चोट आई और उन्हें जिला सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। कोतवाली पुलिस ने जेलर के पर्चा बयान के आधार पर कई बंदियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

SHRIGANGANAGAR, 06 NOV. 2026:
औचक तलाशी के दौरान सामने आई नशीली वस्तु
घटना 4 नवंबर की बताई जा रही है। जेलर हेमराज वैष्णव के पर्चा बयान के अनुसार, दोपहर करीब डेढ़ बजे जेल अधीक्षक महावी प्रसाद मीणा सुरक्षा प्रहरियों के साथ वार्ड संख्या तीन में पहुंचे थे। इस दौरान बैरक संख्या आठ में बंदियों की आकस्मिक तलाशी ली जा रही थी। तलाशी के दौरान बंदी पंकज के पास नशीली वस्तु मिलने की बात सामने आई। इसके बाद जेल प्रशासन की टीम ने अन्य बंदियों की भी जांच शुरू की। इसी दौरान जब बंदी हमजोत की तलाशी लेने की कोशिश की गई तो उसने विरोध करना शुरू कर दिया।
विरोध के दौरान चाय के मग से किया हमला
जेलर के आरोपों के मुताबिक, तलाशी का विरोध कर रहे बंदी हमजोत सिंह ने चाय पीने वाले मग से उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में जेलर हेमराज वैष्णव के हाथ पर चोटें आईं। मौके पर मौजूद जेल कर्मचारियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। जेलर दर्शना और प्रहरी प्रवीण कुमार व राकेश कुमार ने बीच-बचाव कर स्थिति संभाली। इसके बाद घायल जेलर को उपचार के लिए जिला सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।
तीन अन्य बंदियों की भूमिका की भी जांच
जेलर ने अपने बयान में आरोप लगाया कि बंदी रविन्द्र चारण, पंकज और संदीप हुड्डा के कहने पर हमजोत सिंह ने हमला किया। घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने जेलर के पर्चा बयान के आधार पर संबंधित बंदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। इसमें हमले में अन्य बंदियों की भूमिका और जेल के भीतर नशीली वस्तु पहुंचने के स्रोत की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का पक्ष
घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने जेलर के पर्चा बयान के आधार पर संबंधित बंदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है
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