#राज्य-शहर

श्रीगंगानगर में सैंपलिंग पर BJP विधायक जयदीप बिहाणी का गुस्सा, बोले- ‘मैं इनकी नौकरी खा जाऊंगा’

श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी के बीच खाद्य सामग्री के सैंपल लेने को लेकर विवाद गहरा गया है। मीरा चौक स्थित मेवा और ड्राई फ्रूट्स की दुकान पर जांच करने पहुंची महिला अधिकारियों को मंगलवार को विरोध का सामना करना पड़ा। बुधवार को भी विधायक और नगर परिषद सभापति अजय दावड़ा मौके पर पहुंच गए। इस दौरान विधायक ने अधिकारियों से कहा, ‘मैं इनकी नौकरी खा जाऊंगा।’ अधिकारियों ने विधायक पर जांच में बाधा डालने और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। वहीं, विधायक ने कार्रवाई के लिए अनुमति नहीं होने का दावा किया। बाद में तहसीलदार की मौजूदगी में दूसरी टीम ने खाद्य सामग्री के सैंपल लिए।

मीरा चौक स्थित दुकान पर जांच को लेकर शुरू हुआ विवाद

श्रीगंगानगर के मीरा चौक क्षेत्र स्थित मनुहार मेवा स्टोर, जिसे राजस्थान ड्राई फ्रूट्स के नाम से भी बताया गया है, पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जांच करने पहुंची थी। अधिकारियों के अनुसार, प्रतिष्ठान पर एक्सपायरी डेट वाले उत्पाद बेचे जाने की शिकायत मिली थी। इसी आधार पर महिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी नित्या शर्मा और मंजूबाला निरीक्षण के लिए पहुंचीं।अधिकारियों का आरोप है कि दुकान के पीछे काजू, बादाम और अन्य ड्राई फ्रूट्स की पैकिंग की जा रही थी। कुछ पैकेटों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट नहीं लिखी हुई थी। टीम ने खाद्य सामग्री के नमूने लेने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन दुकान संचालक अतुल अग्रवाल ने इसका विरोध किया।बताया गया कि दुकान संचालक ने विधायक जयदीप बिहाणी को फोन कर मौके पर बुलाया। इसके बाद विधायक और नगर परिषद सभापति अजय दावड़ा वहां पहुंचे। इसी दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच विवाद हो गया।

‘मैं इनकी नौकरी खा जाऊंगा’, विधायक के बयान से बढ़ा विवाद

बुधवार को भी मामले को लेकर तनाव बना रहा। विधायक जयदीप बिहाणी और नगर परिषद सभापति अजय दावड़ा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय सिंगला से मुलाकात की। इसके बाद महिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी दोबारा सैंपल लेने के लिए प्रतिष्ठान पर पहुंचीं।जानकारी के अनुसार, विधायक और सभापति भी संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष तरसेम गुप्ता के साथ मौके पर पहुंच गए। इस दौरान विधायक ने अधिकारियों की कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा, ‘मैं इनकी नौकरी खा जाऊंगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को गलतफहमी हो गई है और उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है।विधायक ने आरोप लगाया कि महिला अधिकारियों ने मीडिया के सामने गलत बयान देकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया। उन्होंने अपनी विधायिका संबंधी जिम्मेदारियों और विधानसभा की समिति में सदस्यता का भी उल्लेख किया।

महिला अधिकारियों ने लगाए धमकी और राजकार्य में बाधा के आरोप

खाद्य सुरक्षा अधिकारी नित्या शर्मा और मंजूबाला ने आरोप लगाया कि विधायक के मौके पर पहुंचने के बाद उन्हें जांच और सैंपलिंग की कार्रवाई करने में बाधा का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने दुर्व्यवहार और धमकी देने के आरोप भी लगाए हैं।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि विधायक ने उनकी गाड़ी की चाबी निकालने का प्रयास किया। महिला अधिकारियों ने इस संबंध में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देने की बात कही है।हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। विवाद के दौरान वास्तव में क्या हुआ और किसकी क्या भूमिका रही, इसका निर्धारण उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित अधिकारियों की जांच के आधार पर ही किया जा सकेगा।

विधायक बोले- बिना अनुमति के कार्रवाई नहीं होने देंगे

भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी ने खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि टीम के पास निरीक्षण और सैंपल लेने के लिए आवश्यक अनुमति नहीं थी। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की अनुचित कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।विधायक ने यह भी कहा कि श्रीगंगानगर की जनता ने उन पर भरोसा जताया है और वह व्यापारियों को परेशान नहीं होने देंगे। उन्होंने खाद्य विभाग के अधिकारियों से भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदामों में रखे पुराने गेहूं की जांच करने की मांग भी उठाई।विधायक के आरोपों के विपरीत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय सिंगला ने कहा कि विभाग को खाद्य सामग्री के संबंध में शिकायत मिली थी। उनके अनुसार, शिकायत के आधार पर निरीक्षण किया गया था और सैंपल लेने की कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही थी।

विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखने का दावा

विधायक बिहाणी ने बताया कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासन समिति के समक्ष मामला रखने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि अधिकारियों को किसी जनप्रतिनिधि के बारे में बयान देने से पहले तथ्यों की पुष्टि करनी चाहिए।वहीं, नगर परिषद सभापति अजय दावड़ा ने भी महिला अधिकारियों के आरोपों पर आपत्ति जताई। उन्होंने विधायक का समर्थन करते हुए आरोपों को गलत बताया। दूसरी ओर, खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि शिकायत मिलने पर खाद्य सामग्री की जांच करना उसकी जिम्मेदारी है।इस मामले में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। इसलिए आरोपों की सत्यता और जांच की वैधता को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित रिकॉर्ड और जांच के बाद ही निकाला जा सकता है।

दूसरी टीम ने तहसीलदार की मौजूदगी में लिए सैंपल

विवाद के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने सैंपल लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय सिंगला के अनुसार, प्रशासन के निर्देश पर दूसरी टीम को प्रतिष्ठान पर भेजा गया।इस टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी हंसराज गोदारा और उर्मिला भादू शामिल थे। तहसीलदार राहुल की मौजूदगी में टीम ने स्वीट आंवला, कुकीज, क्रीम ट्रफल और बादाम के सैंपल लिए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मी भी प्रतिष्ठान के बाहर तैनात रहे।अब इन नमूनों की जांच रिपोर्ट से खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और नियमों के पालन से जुड़े तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे। केवल पैकेट पर लेबलिंग नहीं होने की शिकायत के आधार पर किसी उत्पाद को मिलावटी घोषित नहीं किया जा सकता।

खाद्य सुरक्षा जांच और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर चर्चा

श्रीगंगानगर का यह विवाद खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप को लेकर चर्चा में है। एक ओर अधिकारी शिकायत के आधार पर सैंपल लेने को अपनी जिम्मेदारी बता रहे हैं। दूसरी ओर विधायक ने कार्रवाई की अनुमति और अधिकारियों के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। वहीं, ऐसी कार्रवाई के दौरान संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना भी जरूरी है। अब सैंपल की रिपोर्ट, विभागीय रिकॉर्ड और शिकायतों की जांच से मामले के अलग-अलग पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *