टीकाराम जूली का BJP पर पलटवार, बोले- लोकतंत्र की धज्जियां सरकार उड़ा रही; राहुल गांधी से घबराए हैं मोदी
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' रैली और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है। जूली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राहुल गांधी से घबराने का आरोप भी लगाया। वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर लगाए आरोपों के सबूत सार्वजनिक करने या माफी मांगने की मांग की। पंचायत चुनाव को लेकर उन्होंने कांग्रेस की बड़ी बढ़त का दावा किया।

मुख्य बातें
- टीकाराम जूली का BJP पर पलटवार, बोले- राहुल गांधी से घबराए मोदी
- लोकतंत्र की धज्जियां कौन उड़ा रहा? जूली ने भाजपा से पूछे सवाल
- राहुल गांधी की चुनौती पर बोले जूली, प्रधानमंत्री स्वीकार करें बहस
राजस्थान , 08 NOV. 2026:
लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के मुद्दे पर भाजपा को घेरा
टीकाराम जूली ने भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' रैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग और चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर रही है।जूली ने दावा किया कि चुनी हुई सरकारों को गिराने और विधायकों-सांसदों को खरीदने की कोशिशें हुई हैं। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि चुनाव के समय जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, उन्हें बाद में नाम जुड़वाने के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं।
बोले- विपक्ष की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ
भाजपा के कांग्रेस पर माहौल खराब करने के आरोपों पर जूली ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रही है।जूली ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और दिल्ली में आवाजाही को लेकर लगाई गई पाबंदियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।उन्होंने कहा कि भाजपा भी विपक्ष में रहते हुए सड़कों पर प्रदर्शन करती रही है। इसलिए कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
इंडिया गठबंधन की रैली को बताया ऐतिहासिक
दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई इंडिया गठबंधन की रैली को भाजपा की ओर से फ्लॉप बताए जाने पर जूली ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि रैली में कितने लोग आए, इसकी चिंता कांग्रेस और गठबंधन को होनी चाहिए।जूली ने दावा किया कि रामलीला मैदान सुबह 11 बजे तक भर गया था और शाम पांच बजे तक सभा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने सुबह के ड्रोन वीडियो के आधार पर रैली को लेकर प्रचार किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए जूली ने कहा कि पहले मोदी राहुल गांधी का नाम लेकर सवाल करते थे। अब उन्हें राहुल गांधी की चिंता सताती है।
राहुल गांधी की बहस की चुनौती स्वीकार करें प्रधानमंत्री
राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती पर भी जूली ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को यह चुनौती स्वीकार करनी चाहिए।जूली ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार ऐसी स्थिति बनाने में जुटे हैं, जिससे बहस नहीं हो। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी बात रखेंगे और प्रधानमंत्री को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।जूली के मुताबिक, राहुल गांधी ने मोहन भागवत को बहस का निर्णायक बनाने की बात भी कही है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के सवालों से भाजपा असहज है।
अशोक गहलोत पर आरोपों के सबूत मांगे
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच बयानबाजी पर जूली ने मुख्यमंत्री से सबूत सार्वजनिक करने की मांग की।उन्होंने कहा कि यदि गहलोत के खिलाफ कोई ठोस आरोप हैं, तो मुख्यमंत्री को जांच करवानी चाहिए। केवल बयान देने से आरोप साबित नहीं होते।जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री पद की अपनी गरिमा होती है। उन्होंने गहलोत के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने आरोपों के सबूत देने या 24 घंटे में माफी मांगने की मांग की थी।जूली ने मुख्यमंत्री से स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
पंचायत चुनाव में कांग्रेस की बढ़त का दावा
पंचायत चुनाव को लेकर जूली ने कांग्रेस की बड़ी बढ़त का दावा किया। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में हुई कथित अनियमितताओं का जवाब जनता पंचायत चुनाव में देगी।जूली ने भाजपा सरकार पर चुनाव प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सरकार पहले आचार संहिता से काम रुकने की बात कहती थी, लेकिन अब भी कई महीनों से काम प्रभावित हैं।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया के चलते दीपावली का उत्सव प्रभावित हुआ। जूली के अनुसार, कई जगहों पर त्योहार के दौरान भी प्रत्याशी वोट मांगते रहे। उन्होंने बाड़ेबंदी और जनप्रतिनिधियों को घर नहीं जाने देने का मुद्दा भी उठाया।जूली ने आशंका जताई कि पंचायत चुनाव के परिणाम और जिला प्रमुख एवं प्रधान के चुनाव में देरी हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चुनावी नतीजों को लेकर दबाव में है।
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