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NDA की ‘मंगल मिलन’ बैठक में पहली बार शामिल हुए NCPI सांसद, संसद के बदलते समीकरणों पर बढ़ी चर्चा

संसद के मानसून सत्र के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित NDA संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक राजनीतिक रूप से चर्चा का केंद्र बन गई। बैठक में पहली बार नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसद शामिल हुए। हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग हुए इस समूह की मौजूदगी ने संसद के बदलते राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया। बैठक में सरकार की रणनीति, संसद की कार्यवाही और विभिन्न नीतिगत विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में हुई अहम बैठक

NDA संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक संसद की लाइब्रेरी बिल्डिंग स्थित जीएमसी बालयोगी सभागार में आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस दौरान संसद के मानसून सत्र की रणनीति, सरकार के विधायी एजेंडे और सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर चर्चा हुई। बैठक को आगामी संसदीय कार्यवाही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पहली बार NDA मंच पर दिखे NCPI के सांसद

बैठक का सबसे चर्चित पहलू NCPI के सांसदों की मौजूदगी रही। पार्टी के वरिष्ठ नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने बताया कि वह पहली बार NDA संसदीय दल की बैठक में शामिल हुए हैं और उनकी पार्टी के सभी सांसद एकजुट होकर गठबंधन का समर्थन कर रहे हैं। हाल ही में TMC से अलग हुए सांसदों के इस नए राजनीतिक रुख ने राष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के भीतर इन सांसदों की भूमिका आने वाले समय में अहम हो सकती है।

TMC से अलग होने के बाद बदले राजनीतिक समीकरण

हाल के दिनों में TMC से अलग हुए करीब 20 सांसद NCPI के साथ जुड़े हैं। इसके बाद पार्टी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने का फैसला किया। इस घटनाक्रम के बाद संसद में राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। विपक्ष ने इस बदलाव को लेकर सवाल उठाए, जबकि NCPI ने अपने फैसले को राजनीतिक दृष्टि से उचित बताया। माना जा रहा है कि इस समर्थन से NDA को संसद के भीतर अतिरिक्त मजबूती मिल सकती है और सहयोगी दलों के बीच समन्वय भी बढ़ेगा।

FTA, मत्स्य पालन और संसदीय रणनीति पर भी हुई चर्चा

बैठक के दौरान केवल राजनीतिक विषयों तक ही चर्चा सीमित नहीं रही। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सांसदों को हालिया मुक्त व्यापार समझौतों (FTA), उनके आर्थिक प्रभाव और भविष्य की रणनीति की जानकारी दी। वहीं केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने मत्स्य पालन क्षेत्र में केंद्र सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर प्रस्तुति दी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी मानसून सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही और NDA सांसदों की भूमिका को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मानसून सत्र के बीच NDA ने दिखाई एकजुटता

यह बैठक ऐसे समय आयोजित हुई जब संसद के मानसून सत्र में कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। परीक्षा सुधार, छात्रों के प्रदर्शन, अयोध्या से जुड़े मुद्दों और अन्य राजनीतिक विषयों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमला बोल रहा है। ऐसे माहौल में NDA की बैठक को गठबंधन के भीतर एकजुटता का संदेश देने और आगामी संसदीय रणनीति तय करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। NCPI सांसदों की मौजूदगी ने इस बैठक को राजनीतिक दृष्टि से और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।

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