दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली: राहुल गांधी बोले- CEC ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे, BJP ने बताया फ्लॉप शो
दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन ने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली आयोजित की। इसमें राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए। रैली में कथित वोट चोरी, EVM और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मुद्दा छाया रहा। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि वह जेल जाएंगे। वहीं, भाजपा ने रैली को फ्लॉप शो करार दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।

मुख्य बातें
- रामलीला मैदान में राहुल गांधी का बड़ा ऐलान, बोले- ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे
- राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार को घेरा, मोदी-शाह पर भी कार्रवाई की बात
- 10 लाख की भीड़ का दावा या फ्लॉप शो? विपक्षी रैली पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने
02 NOV.,2026:
राहुल गांधी का बड़ा बयान, बोले- CEC ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे
रामलीला मैदान में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में चुनावी प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ हुआ है। राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे। राहुल ने EVM और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए चुनावी पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए।
मतदाता सूची से 13.5 करोड़ नाम हटाने का राहुल गांधी का दावा
राहुल गांधी ने अपने भाषण में मतदाता सूची में बदलाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद मतदाता सूची से 13.5 करोड़ नाम हटा दिए गए। उन्होंने इसे कथित वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं से जोड़ते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना लोकतंत्र के लिए जरूरी है। हालांकि, 13.5 करोड़ नाम हटाए जाने के दावे की पुष्टि के लिए निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित रिकॉर्ड का परीक्षण आवश्यक है।
मोदी और अमित शाह पर भी कार्रवाई की बात कही
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई के बाद विपक्ष अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग करेगा। राहुल ने आरोप लगाया कि चुनावी व्यवस्था में कथित अनियमितताओं से लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने संविधान को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति या संस्था इससे ऊपर नहीं है। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई या सजा का फैसला कानूनी प्रक्रिया और न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।
खरगे ने भाजपा पर लगाए वोट चोरी से सरकार बनाने के आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रैली में भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में कथित वोट चोरी के जरिए सत्ता हासिल की। खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। खरगे ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की भूमिका पर सवाल उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। उनके बयान को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज होने के संकेत हैं।
ममता बनर्जी और अखिलेश यादव ने भी उठाए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के चुनावी घटनाक्रम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को हराया गया। उन्होंने EVM और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में भाजपा की सत्ता को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि राज्य में राजनीतिक बदलाव का समय आएगा। अखिलेश ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की आपत्तियों का समर्थन किया। दोनों नेताओं ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों को महत्वपूर्ण बताया।
तेजस्वी यादव ने बिहार और बंगाल के चुनावों पर उठाए सवाल
राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार और पश्चिम बंगाल की चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दोनों राज्यों के चुनावों को फर्जी बताते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। तेजस्वी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए। तेजस्वी के ये बयान विपक्ष के राजनीतिक रुख को दर्शाते हैं। हालांकि, चुनावों की वैधता और कथित अनियमितताओं का आकलन आधिकारिक रिकॉर्ड तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकता है।
फारूक अब्दुल्ला और नेहा बोरा ने भी रखी अपनी बात
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने देश में मुस्लिम समुदाय को लेकर की जाने वाली टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भारतीय मुसलमानों को बार-बार पाकिस्तानी कहना गलत है। उन्होंने देश के विकास में मुस्लिम समुदाय के योगदान का भी उल्लेख किया। दूसरी ओर, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने मतदाता सूची और SIR प्रक्रिया का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में महिलाओं, दलितों, आदिवासियों, गरीबों और मुस्लिम समुदाय के लोगों को दस्तावेजों से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन आरोपों पर आधिकारिक आंकड़ों और निर्वाचन आयोग का पक्ष महत्वपूर्ण रहेगा।
भाजपा ने INDIA गठबंधन की रैली को बताया फ्लॉप शो
विपक्षी रैली के बाद भाजपा ने INDIA गठबंधन पर निशाना साधा। भाजपा सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम को फ्लॉप शो बताया। उन्होंने दावा किया कि रैली में भीड़ जुटाने को लेकर किए गए दावे वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाते। पात्रा के अनुसार, आयोजकों ने 10 लाख लोगों के पहुंचने की बात कही थी, जबकि मैदान में करीब 28 हजार कुर्सियां लगाई गई थीं। उन्होंने विपक्षी दलों की एकजुटता और राजनीतिक रणनीति पर भी सवाल उठाए। हालांकि, रैली में वास्तविक उपस्थिति को लेकर स्वतंत्र और प्रमाणित आंकड़ों की आवश्यकता है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का कांग्रेस पर हमला
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी विपक्षी रैली पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी परिणामों को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। जितेंद्र सिंह के मुताबिक, कांग्रेस चुनाव जीतने पर व्यवस्था को सही बताती है, लेकिन हारने पर वोट चोरी का मुद्दा उठाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का समर्थन सबसे महत्वपूर्ण होता है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ देश के नागरिक खड़े हैं। भाजपा नेता ने विपक्ष के आंदोलन को राजनीतिक अभियान बताते हुए कहा कि देश में अराजकता को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
पवन खेड़ा ने भाजपा के आरोपों पर किया पलटवार
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भाजपा की ओर से रैली को फ्लॉप शो बताए जाने पर पलटवार किया। उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे और कार्यक्रम सफल रहा। खेड़ा ने भाजपा नेताओं पर विपक्ष की एकजुटता से परेशान होने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने रैली में शामिल लोगों से स्थानीय कारोबारियों से खरीदारी करने की अपील भी की। कांग्रेस नेता ने कहा कि अलग-अलग राज्यों से लोग इस कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस तरह रैली की सफलता और भीड़ को लेकर भाजपा तथा कांग्रेस के बीच बयानबाजी जारी रही।
वोट चोरी और SIR बना राजनीतिक टकराव का सबसे बड़ा मुद्दा
रामलीला मैदान की इस रैली में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR सबसे प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता, मतदाता सूची में कथित बदलाव और चुनावी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। वहीं, भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक अभियान करार दिया। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर टकराव लगातार बढ़ रहा है। अब सबकी नजर निर्वाचन आयोग के रुख और विपक्ष की आगे की रणनीति पर रहेगी। चुनावी पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ी यह बहस आने वाले दिनों में भी राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रह सकती है।
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