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अलवर में ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर 5.84 लाख की साइबर ठगी, लिंक खोलते ही जाल में फंसा युवक

अलवर: ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 5.84 लाख की साइबर ठगी

राजस्थान के अलवर में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने एक व्यक्ति को कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर फर्जी निवेश योजना में फंसाया और अलग-अलग किश्तों में 5.84 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अनजान लिंक से शुरू हुई ठगी की पूरी कहानी

पुलिस के अनुसार करीरिया निवासी अनूप वर्मा के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़ा लिंक भेजा गया था। लिंक खोलने पर निवेश और शेयर बाजार में भारी मुनाफे के आकर्षक ऑफर दिखाई दिए। साथ ही संपर्क के लिए एक मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया गया था। उत्सुकतावश अनूप ने दिए गए नंबर पर संपर्क किया, जहां सामने वाले व्यक्ति ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताते हुए कम समय में अधिक लाभ का भरोसा दिलाया। बातचीत के दौरान पीड़ित को विश्वास में लेकर निवेश के लिए तैयार कर लिया गया।

मुनाफे का लालच देकर खाते से निकलवा लिए लाखों रुपये

ठगों ने पीड़ित को अलग-अलग चरणों में रकम जमा कराने के लिए कहा और हर बार अधिक रिटर्न मिलने का भरोसा दिया। भरोसा होने पर अनूप वर्मा ने उनके बताए बैंक खातों में किस्तों के माध्यम से कुल 5 लाख 84 हजार 750 रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय तक सब सामान्य दिखाई देता रहा, लेकिन जब पीड़ित ने निवेश की राशि और कथित मुनाफा वापस निकालने का प्रयास किया, तब उसे ठगी का एहसास हुआ।

पैसे मांगते ही बंद हो गया मोबाइल और लिंक

रकम वापस लेने की कोशिश के दौरान ठगों का मोबाइल नंबर बंद मिला और जिस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या लिंक के जरिए निवेश दिखाया जा रहा था, वह भी निष्क्रिय हो गया। इसके बाद पीड़ित ने खुद को ठगी का शिकार समझते हुए अलवर साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

साइबर पुलिस ने शुरू की जांच

साइबर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी निवेश से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म और संस्था की पूरी तरह जांच अवश्य करें।

ऑनलाइन निवेश से पहले बरतें सावधानी

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या एसएमएस पर मिलने वाले निवेश संबंधी लिंक पर बिना सत्यापन भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी भी व्यक्ति या संस्था के बड़े मुनाफे के दावों से प्रभावित होकर धनराशि ट्रांसफर करने से पहले उसकी वैधता की जांच जरूरी है। किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

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