अंबाला पुलिस स्टेशन पर हमले की कथित साजिश का खुलासा, NIA ने शहजाद भट्टी समेत 8 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट
हरियाणा के अंबाला स्थित बलदेव नगर पुलिस स्टेशन को कथित तौर पर कार बम से निशाना बनाने की साजिश के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी ने पाकिस्तान में मौजूद कथित हैंडलर शहजाद भट्टी सहित आठ आरोपियों को नामजद किया है। NIA का दावा है कि जांच में सीमा पार से संचालित नेटवर्क, स्थानीय मॉड्यूल और हमले की तैयारियों से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं। मामले की जांच अभी भी जारी है।
आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट
NIA ने विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट में शहजाद भट्टी के अलावा करमजीत सिंह उर्फ टोनी, आकाश, सौरभ उर्फ सोबी, रमन कुमार, सत्यम, सुखदेव सिंह उर्फ सुखा और अमरजीत सिंह उर्फ अंबी को आरोपी बनाया है। जांच एजेंसी के अनुसार, सभी आरोपियों की भूमिका अलग-अलग स्तर पर सामने आई है। एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
जांच एजेंसी का दावा- पाकिस्तान से संचालित हो रहा था नेटवर्क
NIA के अनुसार, जांच में सामने आया कि कथित मास्टरमाइंड शहजाद भट्टी पाकिस्तान से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। एजेंसी का दावा है कि उसने सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों के जरिए भारत में कथित मॉड्यूल तैयार किया तथा स्थानीय सहयोगियों के माध्यम से हमले की योजना बनाई। हालांकि इन आरोपों का अंतिम सत्यापन न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।
रेकी के बाद पुलिस स्टेशन को बनाया गया कथित निशाना
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने पहले संभावित स्थानों की रेकी की और बाद में अंबाला के बलदेव नगर पुलिस स्टेशन को कथित तौर पर निशाना चुना। NIA का आरोप है कि विस्फोटक सामग्री और गैस सिलेंडरों से भरे वाहन का इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई थी। एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि घटना का वीडियो रिकॉर्ड करने की तैयारी की गई थी, ताकि हमले के बाद उसका प्रचार किया जा सके। इन दावों की जांच के समर्थन में डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं।
डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों की जांच जारी
NIA का कहना है कि जांच के दौरान डिजिटल डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, दस्तावेजी सामग्री और फोरेंसिक साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। एजेंसी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कथित फंडिंग, भर्ती, लॉजिस्टिक सपोर्ट और ऑपरेशनल समन्वय से जुड़े कई पहलू सामने आए हैं। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
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