छुट्टी पर घर लौटना था, लेकिन तिरंगे में आई पार्थिव देह; 6 माह की बेटी ने दी अंतिम विदाई
राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नारायणपुर क्षेत्र में भारतीय वायुसेना के जवान विक्रम पायला का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गुजरात में ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से उनका निधन हो गया। जिस दिन परिवार उनके घर लौटने का इंतजार कर रहा था, उसी दिन तिरंगे में लिपटी उनकी पार्थिव देह पहुंची। अंतिम संस्कार के दौरान छह माह की बेटी द्वारा मुखाग्नि दिए जाने और पत्नी की भावुक विदाई ने सभी की आंखें नम कर दीं।
ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में तोड़ा दम
भारतीय वायुसेना के जवान विक्रम पायला (27) गुजरात के गांधीनगर स्थित एयरफोर्स स्टेशन बड़सर की 787 एसयू यूनिट में तैनात थे। अधिकारियों के अनुसार ड्यूटी के दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल गांधीनगर के अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया। निधन की सूचना मिलते ही वायुसेना ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर सैन्य सम्मान के साथ पार्थिव देह उनके पैतृक गांव भेजी। जवान के निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
घर लौटने का था वादा, पहुंची तिरंगे में लिपटी देह
परिजनों ने बताया कि विक्रम ने हाल ही में अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी और जल्द घर आने की जानकारी दी थी। परिवार शनिवार को उनके स्वागत की तैयारियों में जुटा था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उनके निधन की सूचना मिल गई। इसके बाद तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह गांव पहुंची। जवान के घर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में मातम छा गया और अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े।
छह माह की बेटी ने दी मुखाग्नि, पत्नी ने किया अंतिम सलाम
शनिवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ जवान विक्रम पायला का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सैन्य दल ने उन्हें अंतिम सलामी दी। अंतिम विदाई के सबसे भावुक क्षण तब सामने आए, जब छह माह की मासूम बेटी ने परंपरानुसार पिता को मुखाग्नि दी और पत्नी ने नम आंखों से अंतिम सलाम कर उन्हें विदा किया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद ग्रामीण, परिजन और जवानों की आंखें भी भर आईं। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों के लोगों ने हिस्सा लेकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
2018 में वायुसेना में हुए थे भर्ती
विक्रम पायला ने 6 जून 2018 को भारतीय वायुसेना में सेवा शुरू की थी। वे अपने परिवार में तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। परिवार में माता-पिता, पत्नी, छह माह की बेटी, दो छोटे भाई और एक बहन हैं। परिजनों के अनुसार विक्रम अपने व्यवहार और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे। उनके असामयिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मामा ने बताया कैसे मिली दुखद सूचना
जवान के मामा चेतराम तंवर ने बताया कि गुरुवार देर रात परिवार को फोन पर सूचना मिली थी कि विक्रम की तबीयत अचानक बिगड़ गई है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाद में चिकित्सकों ने उनके निधन की जानकारी दी। इसके बाद उनके पिता गुजरात पहुंचे और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पार्थिव देह को एंबुलेंस से पैतृक गांव लाया गया। गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया।
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