डूंगरपुर में दर्दनाक हादसा: एनीकट में डूबने से 3 सगे भाई-बहनों समेत 4 बच्चों की मौत
राजस्थान के डूंगरपुर जिले के धंबोला थाना क्षेत्र स्थित लिखी बड़ी गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। गांव के पास बने एनीकट में नहाने गए छह बच्चों में से चार की डूबने से मौत हो गई, जबकि दो बच्चों को ग्रामीणों ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मृतकों में तीन सगे भाई-बहन शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
नहाने के दौरान गहरे पानी में डूबे बच्चे
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गांव के छह बच्चे दोपहर में एनीकट के पास खेलने पहुंचे थे। गर्मी और उमस के कारण वे पानी में नहाने उतर गए। इसी दौरान कुछ बच्चे गहरे हिस्से में चले गए और संतुलन बिगड़ने से डूबने लगे। अन्य बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी मिली, लेकिन तब तक चार बच्चे पानी में समा चुके थे। हादसे ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया।
ग्रामीणों की सूझबूझ से दो बच्चों की बची जान
बच्चों की आवाज सुनते ही आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना देर किए पानी में उतरकर बचाव अभियान शुरू किया और दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि कुछ मिनट और देरी हो जाती तो दोनों बच्चों की जान बचाना भी मुश्किल हो सकता था। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चों की हालत फिलहाल सुरक्षित बताई जा रही है।
पुलिस और गोताखोरों ने निकाले शव
सूचना मिलने पर धंबोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों व स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान चलाया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद चारों बच्चों के शव एनीकट से बाहर निकाले गए। पुलिस ने शवों को सीमलवाड़ा के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। घटना के बाद अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
जल स्रोतों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में एनीकट, तालाब और अन्य जल स्रोतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से गहरे जलाशयों के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाने, फेंसिंग कराने और सुरक्षा उपाय मजबूत करने की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही हादसे की परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जा रही है।
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