#धार्मिक #राज्य-शहर

देशभर में मशहूर अलवर का जगन्नाथ महोत्सव शुरू, आस्था के रंग में रंगा शहर

Alwar Jagannath Rath Yatra: गणेश पूजन से महोत्सव शुरू

राजस्थान के अलवर में ऐतिहासिक भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव का रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार और गणेश पूजन के साथ शुभारंभ हो गया। धार्मिक परंपराओं से जुड़े इस महोत्सव में भगवान को पहला निमंत्रण गणेश जी को दिया जाता है। विवाह, नौकरी, व्यापार और अन्य मनोकामनाओं के लिए यहां देशभर से श्रद्धालु अर्जी लगाते हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित कई प्रमुख हस्तियां भी इस मंदिर में अपनी अर्जी लगा चुकी हैं।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महोत्सव का हुआ शुभारंभ

अलवर के ऐतिहासिक भगवान जगन्नाथ मंदिर में रविवार सुबह विधि-विधान से गणेश पूजन कर रथयात्रा महोत्सव की औपचारिक शुरुआत की गई। मंदिर के आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विघ्नहर्ता गणेश को महोत्सव का प्रथम निमंत्रण अर्पित किया। इसके साथ ही आगामी धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला शुरू हो गई। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी और भक्तों ने पूजा-अर्चना कर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।

भगवान जगन्नाथ और जानकी मैया का होता है पारंपरिक विवाह

अलवर का यह मंदिर अपनी अनूठी धार्मिक परंपराओं के कारण विशेष पहचान रखता है। यहां प्रतिवर्ष भगवान जगन्नाथ और जानकी मैया का विवाह पूरे वैदिक रीति-रिवाज के साथ संपन्न कराया जाता है। स्थानीय मान्यता है कि विवाह में आने वाली बाधाओं से परेशान युवक-युवतियां मंदिर में कंगन और डोरा बांधकर मनोकामना मांगते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्ची श्रद्धा से की गई प्रार्थना से उनकी इच्छा पूरी होती है। गणेश पूजन से लेकर देवउठनी एकादशी तक मंदिर में ऐसे श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पहुंचती है।

अर्जी लगाने की परंपरा बनी मंदिर की खास पहचान

जगन्नाथ मंदिर की सबसे अनोखी परंपराओं में ‘अर्जी’ लगाने की परंपरा प्रमुख है। श्रद्धालु अपनी मनोकामना एक पर्ची पर लिखकर भगवान के चरणों में समर्पित करते हैं। मंदिर प्रशासन इन अर्जियों का विधिवत रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखता है। शादी, सरकारी नौकरी, व्यापार में सफलता, नई संपत्ति खरीदने और पारिवारिक सुख-समृद्धि जैसी विभिन्न इच्छाओं के साथ लोग यहां पहुंचते हैं। यह परंपरा वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी हुई है।

भजनलाल शर्मा और वसुंधरा राजे भी लगा चुके हैं अर्जी

मंदिर में आम श्रद्धालुओं के साथ कई जनप्रतिनिधि और राजनीतिक हस्तियां भी दर्शन करने पहुंचती रही हैं। मंदिर से जुड़े लोगों के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित कई प्रमुख नेताओं ने भी यहां अपनी मनोकामनाओं के लिए अर्जी लगाई है। इसी कारण यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है।

हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से बड़ी संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु

मंदिर में सबसे अधिक अर्जी विवाह संबंधी मनोकामनाओं के लिए लगाई जाती है। हरियाणा, दिल्ली, जयपुर, भिवाड़ी और अलवर सहित विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। व्यापार से जुड़े लोग कारोबार में सफलता की कामना करते हैं, जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा सरकारी नौकरी की इच्छा लेकर भगवान के दरबार में माथा टेकते हैं। आने वाले दिनों में आयोजित होने वाली भव्य रथयात्रा में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

यह भी पढ़ें –अलवर में ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर 5.84 लाख की साइबर ठगी, लिंक खोलते ही जाल में फंसा युवक

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *