महज 2 साल 10 माह की उम्र में अजमेर के प्रांश का विश्व रिकॉर्ड, 3 किलो वजन के साथ 60 मीटर की स्केटिंग
राजस्थान के अजमेर के नन्हे स्केटर प्रांश दगदी ने बेहद कम उम्र में खास उपलब्धि हासिल की है। महज 2 साल 10 माह और 7 दिन की उम्र में प्रांश ने 3 किलो वजन के साथ 60 मीटर की दूरी स्केटिंग करते हुए 1 मिनट 12 सेकंड में पूरी की। बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की वेरिफिकेशन कमेटी ने उनके प्रदर्शन की जांच के बाद इसे रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दी है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें आधिकारिक प्रमाण पत्र भी जारी किया गया है।

मुख्य बातें
- अजमेर के नन्हे प्रांश का कमाल, 3 किलो वजन के साथ बनाया रिकॉर्ड
- 60 मीटर स्केटिंग कर प्रांश ने बनाया विश्व रिकॉर्ड
- कम उम्र में बड़ा कारनामा, अजमेर के प्रांश को मिला रिकॉर्ड प्रमाण पत्र
AJMER,03 NOV. 2026:
2 साल 10 माह की उम्र में बनाया रिकॉर्ड
अजमेर के रहने वाले प्रांश दगदी ने अपनी स्केटिंग प्रतिभा से सबका ध्यान आकर्षित किया है। रिकॉर्ड के लिए उन्होंने 3 किलो वजन के साथ 60 मीटर की दूरी 1 मिनट 12 सेकंड में तय की। बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर से जारी प्रमाण पत्र में इस उपलब्धि की तारीख 14 अक्टूबर 2026 दर्ज है। प्रमाण पत्र के अनुसार, उनका रिकॉर्ड नंबर BWR/IND/2026/001604 है। कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन प्रांश की मेहनत और अभ्यास को दर्शाता है।
2 साल 2 माह की उम्र में शुरू की स्केटिंग
प्रांश अजमेर निवासी सूरज दगदी और निर्मला बागड़ी के बेटे हैं। वे एक निजी प्ले स्कूल में पढ़ते हैं। परिवार के मुताबिक, प्रांश ने महज 2 साल 2 माह की उम्र में स्केटिंग सीखना शुरू कर दिया था। इसके बाद से वे नियमित रूप से अभ्यास कर रहे हैं। पिछले करीब 10 महीनों से उनकी स्केटिंग की ट्रेनिंग जारी है। परिवार का कहना है कि प्रांश ने लगातार अभ्यास के जरिए इस उपलब्धि की तैयारी की।
रोजाना चार घंटे करते हैं अभ्यास
प्रांश की दिनचर्या में स्केटिंग के लिए नियमित समय निर्धारित है। वे सुबह 4 से 6 बजे तक अभ्यास करते हैं। इसके बाद शाम को 5 से 7 बजे तक स्केटिंग की ट्रेनिंग लेते हैं। इस तरह उनकी बताई गई दिनचर्या में रोजाना करीब चार घंटे का अभ्यास शामिल है। रिकॉर्ड बनाने से पहले परिवार ने लगभग एक महीने तक विशेष तैयारी भी कराई। उनकी उपलब्धि के बाद निजी प्ले स्कूल में भी उनका सम्मान किया गया।
परिवार के प्रोत्साहन से मिली सफलता
प्रांश की प्रतिभा को देखते हुए परिवार ने उन्हें रिकॉर्ड बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके लिए विशेष अभ्यास और तैयारी की गई। आखिरकार 14 अक्टूबर को उन्होंने निर्धारित प्रदर्शन पूरा किया। रिकॉर्ड की पुष्टि के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। इतनी कम उम्र में मिली इस उपलब्धि ने प्रांश को चर्चा में ला दिया है।
नन्हे प्रांश की उपलब्धि बनी प्रेरणा
प्रांश दगदी की सफलता यह दिखाती है कि बच्चों की प्रतिभा को सही दिशा और प्रोत्साहन मिले तो वे कम उम्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। हालांकि, छोटी उम्र के बच्चों के लिए खेलों में अभ्यास के दौरान सुरक्षा, पर्याप्त आराम और विशेषज्ञों की निगरानी भी जरूरी है। प्रांश की इस उपलब्धि पर परिवार और स्कूल ने खुशी जताई है।
प्रशासन का पक्ष
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