राजगढ़ : दीपावली से पहले राजपुर बड़ा में पसरा सन्नाटा, तीन दिन से बंद दुकानें
राजगढ़ उपखंड के राजपुर बड़ा गांव में दीपावली से पहले रौनक की जगह सन्नाटा नजर आ रहा है। 31 अक्टूबर को सरपंच चुनाव में कथित धांधली और उपसरपंच चुनाव के दौरान हुए विवाद के बाद ग्रामीणों और पुलिस के बीच टकराव हो गया था। इस घटनाक्रम में एक पुलिस उपाधीक्षक सहित तीन पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी है। इसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई के बीच गांव के लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। बाजार बंद हैं और कई परिवार सामान्य जनजीवन बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।

मुख्य बातें
- राजपुर बड़ा में दीपावली की रौनक गायब, बाजारों में सन्नाटा
- पुलिस-ग्रामीण टकराव के बाद सहमे लोग, त्योहार की खुशियां फीकी
- तीन दिन से बंद बाजार, घरों में सिमटे राजपुर बड़ा के ग्रामीण
ALWAR,RAJGHAR 03 NOV. 202:
चुनावी विवाद के बाद गांव में तनाव
राजपुर बड़ा में 31 अक्टूबर को सरपंच चुनाव में कथित धांधली और उपसरपंच चुनाव में व्यवधान को लेकर विवाद हुआ था। देखते ही देखते ग्रामीणों और पुलिस के बीच तकरार बढ़ गई। इस दौरान एक पुलिस उपाधीक्षक सहित तीन पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया। इसके बाद गांव में भय का माहौल बनने की बात सामने आई है। चुनावी विवाद का असर अब गांव के रोजमर्रा के जीवन पर भी दिखाई दे रहा है।
बाजारों में सन्नाटा, तीन दिन से नहीं खुलीं दुकानें
दीपावली से ठीक पहले राजपुर बड़ा के बाजारों में सामान्य दिनों जैसी हलचल नहीं है। गांव का बस स्टैंड और संकरे बाजार सुनसान पड़े हैं। मिठाई, सब्जी और अन्य सामान की दुकानें बंद रहने से स्थानीय कारोबार प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, घटनाक्रम के बाद से कई दुकानदार दुकानें खोलने से बच रहे हैं। त्योहार के समय जिस बाजार में खरीदारी की रौनक होनी चाहिए थी, वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। आसपास के गांवों के लोगों की आवाजाही भी पहले की तुलना में कम बताई जा रही है।
घरों में सिमटे लोग, बच्चे और बुजुर्ग भी परेशान
गांव में तनाव का असर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर भी दिखाई दे रहा है। खबर के अनुसार, कुछ महिलाएं घरों की बालकनी और खिड़कियों से बाहर की गतिविधियां देख रही हैं। ग्रामीण सामान्य स्थिति लौटने का इंतजार कर रहे हैं। गांव में रिपोर्टिंग के दौरान तस्वीरें खींचे जाने पर कुछ बच्चे वहां से भागते नजर आए। 85 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला ने सब्जी बेचने तक को लेकर चिंता जताई। वहीं, मिठाई की दुकान चलाने वाले एक बुजुर्ग ने कहा कि दीपावली पर गांव में जो रौनक होनी चाहिए थी, वह दिखाई नहीं दे रही।
पुलिस कार्रवाई के बाद कुछ लोग गांव से बाहर गए
घटनाक्रम के बाद कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई है। वहीं, खबर के अनुसार कुछ ग्रामीण डर के कारण गांव से बाहर चले गए हैं। गांव में रह रहे लोगों के बीच भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दुकानदारों का कहना है कि वे फिलहाल हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन और पुलिस की ओर से ऐसा भरोसा दिलाया जाएगा, जिससे वे बिना डर के अपने रोजमर्रा के काम शुरू कर सकें।
जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की पहल का इंतजार
ग्रामीणों की निराशा की एक वजह यह भी बताई जा रही है कि घटनाक्रम के बाद अब तक पक्ष-विपक्ष के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों की सक्रिय पहल नजर नहीं आई है। ग्रामीण चाहते हैं कि गांव में शांति बहाली के लिए संवाद हो और सामान्य जीवन लौटे। आसपास के गांवों के लोगों की आवाजाही कम होने से भी स्थानीय व्यापार प्रभावित हो रहा है। फिलहाल राजपुर बड़ा के लोगों को ठोस आश्वासन और भरोसेमंद संवाद की जरूरत महसूस हो रही है।
पुलिस का पक्ष: दुकानदारों को बंद करने के निर्देश नहीं दिए
पुलिस का पक्ष
पुलिस ने किसी भी दुकानदार को दुकान बंद रखने के लिए नहीं कहा है
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