भजनलाल शर्मा के बयान पर गहलोत का पलटवार, बोले- सार्वजनिक रूप से माफी मांगें CM
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। जोधपुर में मुख्यमंत्री की ओर से खाद-बीज की दुकान को लेकर लगाए गए आरोपों पर गहलोत ने फिर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की टिप्पणियों से उनकी व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचा है। गहलोत ने भजनलाल शर्मा से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग दोहराई।

मुख्य बातें
- भजनलाल शर्मा के बयान पर गहलोत का पलटवार, बोले- माफी मांगें CM
- खाद-बीज की दुकान पर छिड़ा विवाद, गहलोत ने फिर उठाए सवाल
- गहलोत बोले- मुख्यमंत्री के बयान से मेरी छवि को नुकसान पहुंचा
07 NOV. 2026:
जोधपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से की बातचीत
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 7 नवंबर को जोधपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी।गहलोत ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच सम्मानजनक संबंध बने रहने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की टिप्पणियों से उनकी व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचा है। गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
खाद-बीज की दुकान को लेकर उठाए सवाल
विवाद की शुरुआत 3 नवंबर को जोधपुर में बीजेपी की सभा के दौरान हुई थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गहलोत के पुराने खाद-बीज कारोबार का जिक्र करते हुए किसानों को कथित रूप से लूटने और नकली खाद-बीज बेचने के आरोप लगाए थे।इसके जवाब में गहलोत ने कहा कि उन्होंने पीपाड़ में खाद-बीज की दुकान खोली थी, लेकिन करीब छह महीने बाद उसे बंद कर दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री को इतने पुराने कारोबार के बारे में जानकारी कहां से मिली। गहलोत के मुताबिक, जब उन्होंने दुकान शुरू की थी, तब मुख्यमंत्री की उम्र करीब पांच साल थी। उन्होंने आरोपों के समर्थन में तथ्य और दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग भी की।
व्यक्तिगत सम्मान और राजनीतिक मर्यादा का किया जिक्र
गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने भजनलाल शर्मा से मुलाकात की थी। उस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ अपने संबंधों का उदाहरण भी दिया था।उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सरकार की नीतियों और फैसलों की आलोचना करना है। लेकिन राजनीतिक विरोध के दौरान व्यक्तिगत मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। गहलोत के मुताबिक, मुख्यमंत्री के बयान से उन्हें राजनीतिक नुकसान से ज्यादा व्यक्तिगत पीड़ा पहुंची है।
बीजेपी की रैलियों पर भी साधा निशाना
बीजेपी की ओर से निकाली जा रही 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रैलियों पर भी गहलोत ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र बचाने के लिए रैली कर रहा है और सत्ता पक्ष उसके जवाब में काउंटर रैली निकाल रहा है।गहलोत ने आरोप लगाया कि बीजेपी की रैलियों में भीड़ नहीं जुटने से सरकार और पार्टी के नेता परेशान हैं। उन्होंने कहा कि रैलियों के दौरान वीआईपी रूट और ट्रैफिक डायवर्जन से आम लोगों तथा व्यापारियों को परेशानी होती है। उन्होंने कांग्रेस की रैली के दौरान व्यापारियों की समस्याओं का मुद्दा उठाए जाने का भी जिक्र किया।
तीन बार मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रहने का किया जिक्र
अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए गहलोत ने कहा कि उनके खिलाफ पहले भी कई तरह के आरोप लगाए जाते रहे हैं। इसके बावजूद प्रदेश की जनता, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्टी नेतृत्व के सहयोग से वे तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बने।उन्होंने अपने तीन बार केंद्रीय मंत्री रहने का भी जिक्र किया। गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री और राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को राजनीतिक मतभेदों के बावजूद मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
अंत में उन्होंने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की।
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