#देश दुनिया #पॉलिटिक्स #राज्य-शहर

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का डिजिटल धमाका: व्यंग्य से उठा युवाओं का गुस्सा, रातोंरात बना बड़ा सोशल ट्रेंड

सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) तेजी से चर्चा में है। यह कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि युवाओं की नाराजगी और सिस्टम पर व्यंग्य के रूप में उभरा एक डिजिटल अभियान है। कुछ ही दिनों में लाखों फॉलोअर्स जुटाकर इसने बड़ा ऑनलाइन ट्रेंड बना लिया है। इसके संस्थापक अभिजीत दीपके हैं, जिनका राजनीतिक कम्युनिकेशन और डिजिटल कैंपेन में खास अनुभव रहा है।

कौन हैं अभिजीत दीपके?

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के पीछे 30 वर्षीय अभिजीत दीपके का दिमाग है, जो महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से आते हैं। उन्होंने पुणे से पत्रकारिता में पढ़ाई की और बाद में अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर डिग्री हासिल की। डिजिटल मीडिया और राजनीतिक नैरेटिव बनाने में उनकी विशेषज्ञता मानी जाती है। अभिजीत लंबे समय से सोशल मीडिया पर ट्रेंड, मीम्स और कैंपेन के जरिए लोगों तक संदेश पहुंचाने का काम करते रहे हैं, जिससे उन्हें युवा वर्ग की सोच और डिजिटल व्यवहार की गहरी समझ है।

AAP से जुड़ाव और राजनीतिक अनुभव

अभिजीत दीपके का राजनीतिक अभियानों से जुड़ाव नया नहीं है। वह 2020 से 2022 के बीच आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के साथ वॉलंटियर के रूप में काम कर चुके हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान पार्टी के समर्थन में चलाए गए डिजिटल कैंपेन में उनकी सक्रिय भूमिका मानी जाती है। इसके अलावा वह दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में कम्युनिकेशन एडवाइजर भी रह चुके हैं। इस अनुभव ने उन्हें राजनीतिक मैसेजिंग और डिजिटल रणनीति में मजबूत बनाया, जिसका असर उनके नए अभियान में भी साफ दिखाई देता है।

कैसे शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’?

इस अभियान की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट में हुई एक टिप्पणी से जुड़ी है, जिसमें ‘कॉकरोच’ शब्द चर्चा में आया। हालांकि बाद में इस टिप्पणी को लेकर सफाई दी गई, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस तेज हो गई। इसी माहौल में अभिजीत दीपके ने 16 मई को एक्स (ट्विटर) पर एक गूगल फॉर्म शेयर कर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़ने का निमंत्रण दिया। देखते ही देखते यह पहल वायरल हो गई और हजारों-लाखों लोग इससे जुड़ने लगे।

सोशल मीडिया पर जबरदस्त लोकप्रियता

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने बहुत कम समय में सोशल मीडिया पर बड़ी पहचान बना ली है। खासकर इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर इसके फॉलोअर्स तेजी से बढ़े हैं। कुछ दावों के अनुसार, इस अभियान ने कुछ ही दिनों में बड़े राजनीतिक दलों के सोशल मीडिया आंकड़ों को भी पीछे छोड़ दिया। इसकी लोकप्रियता का मुख्य कारण इसका व्यंग्यात्मक अंदाज, मीम्स और युवाओं के मुद्दों को सीधे तरीके से उठाना माना जा रहा है।

क्या है इस अभियान का मकसद?

यह अभियान खुद को युवाओं की आवाज बताता है, खासकर उन लोगों की जो बेरोजगारी और सिस्टम से निराश हैं। इसका टैगलाइन “वॉइस ऑफ लेजी एंड अनएप्लाइड” रखा गया है, जो एक तरह का व्यंग्य है। इसके जरिए बेरोजगारी, राजनीतिक अवसरवाद और संस्थाओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसके घोषणा पत्र में कई मांगें भी शामिल हैं, जैसे महिलाओं को 50% आरक्षण, दल-बदल करने वालों पर लंबी अवधि का प्रतिबंध और रिटायरमेंट के बाद जजों को राजनीतिक पद न देना।

सदस्यता की अनोखी और व्यंग्यात्मक शर्तें

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने अपनी सदस्यता को भी व्यंग्य के जरिए प्रस्तुत किया है। इसमें कहा गया है कि सदस्य ‘बेरोजगार’ और ‘आलसी’ होना चाहिए, साथ ही उसे सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना आना चाहिए। इसके अलावा गुस्सा और शिकायत को प्रोफेशनल तरीके से व्यक्त करने की क्षमता भी जरूरी बताई गई है। ये शर्तें भले ही मजाकिया लगें, लेकिन इनके पीछे युवाओं की हताशा और सिस्टम से असंतोष की झलक साफ दिखाई देती है।

व्यंग्य के जरिए बड़ा संदेश

हालांकि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ एक वास्तविक राजनीतिक दल नहीं है, लेकिन यह डिजिटल दौर में उभरते नए तरह के विरोध और अभिव्यक्ति का उदाहरण है। मीम्स और व्यंग्य के माध्यम से यह अभियान उन मुद्दों को सामने ला रहा है, जिन पर अक्सर पारंपरिक राजनीति में खुलकर चर्चा नहीं होती। यही वजह है कि यह पहल युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है और एक बड़े सामाजिक-डिजिटल ट्रेंड का रूप ले चुकी है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *