भारत की बढ़ती परमाणु ताकत से पाकिस्तान बेचैन, SIPRI रिपोर्ट पर जताई चिंता
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट के बाद पाकिस्तान ने भारत की बढ़ती परमाणु क्षमता पर चिंता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार भारत के परमाणु हथियारों की संख्या बढ़कर 190 हो गई है, जबकि पाकिस्तान के पास 170 परमाणु हथियार ही हैं। इस्लामाबाद का दावा है कि भारत का वास्तविक परमाणु जखीरा मौजूदा अनुमानों से भी बड़ा हो सकता है।
SIPRI रिपोर्ट में भारत ने पाकिस्तान को छोड़ा पीछे
सिप्री की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास अनुमानित 190 परमाणु हथियार हैं, जबकि पाकिस्तान के पास 170 परमाणु हथियार मौजूद हैं। चीन 620 परमाणु हथियारों के साथ एशिया में सबसे आगे बना हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने पिछले एक वर्ष में अपने परमाणु भंडार में करीब 10 हथियारों की बढ़ोतरी की है। खास बात यह है कि दो वर्ष पहले तक पाकिस्तान के पास भारत से अधिक परमाणु हथियार थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और भारत संख्या के मामले में आगे निकल गया है।
पाकिस्तान ने जताई भारत की वास्तविक क्षमता को लेकर आशंका
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत की वास्तविक परमाणु क्षमता SIPRI के अनुमानों से भी अधिक हो सकती है। इस्लामाबाद का मानना है कि भारत लगातार अपनी रणनीतिक और तकनीकी ताकत बढ़ा रहा है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन प्रभावित हो सकता है। पाकिस्तान ने दावा किया कि भारत की परमाणु और मिसाइल क्षमताओं में हुए हालिया बदलाव उसकी परिचालन तैयारी को और मजबूत बना रहे हैं।
भारत के न्यूक्लियर ट्रायड से बढ़ी पाकिस्तान की चिंता
पाकिस्तान ने स्वीकार किया कि भारत मिसाइल प्रणालियों के कैनिस्टराइजेशन, परमाणु क्षमता वाली पनडुब्बियों के विस्तार और लंबी दूरी की मिसाइल तकनीक पर तेजी से काम कर रहा है। भारत के पास जमीन, समुद्र और हवा—तीनों माध्यमों से परमाणु हमला करने की क्षमता मौजूद है, जिसे न्यूक्लियर ट्रायड कहा जाता है। यह क्षमता पाकिस्तान के पास नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक यही कारण है कि इस्लामाबाद भारत की बढ़ती रणनीतिक ताकत को लेकर खुलकर चिंता जता रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचने की कोशिश
पाकिस्तान ने उन देशों से भी अपील की है जो भारत को उन्नत तकनीक और रक्षा उपकरण उपलब्ध कराते हैं। उसका कहना है कि भारत की बढ़ती सैन्य क्षमताओं के क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों का गंभीरता से आकलन किया जाना चाहिए। इस बयान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन हासिल करने की पाकिस्तान की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
भारत की सामरिक क्षमता लगातार मजबूत हो रही
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अपनी रक्षा और परमाणु क्षमताओं के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया है। लंबी दूरी की मिसाइलों, समुद्री प्रतिरोधक क्षमता और आधुनिक परमाणु प्लेटफॉर्म के विकास से भारत की रणनीतिक स्थिति पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल में भारत अपनी प्रतिरोधक क्षमता को और सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।