भारतीय नाविकों की मौत पर ईरान ने अमेरिका को घेरा, भारत के समर्थन में दिया बड़ा बयान
ओमान और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भारतीय क्रू वाले जहाज पर हुए अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत के बाद ईरान खुलकर भारत के समर्थन में सामने आया है। तेहरान ने इस घटना को अमेरिका की ‘हथियारबंद लूट’ और ‘सरकारी समुद्री डकैती’ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वॉशिंगटन को जवाबदेह ठहराने की मांग की है। वहीं भारत ने घटना पर विरोध दर्ज कराया, लेकिन अपने आधिकारिक बयान में अमेरिका का नाम लेने से परहेज किया।
तीन भारतीयों की मौत पर ईरान ने जताई संवेदना
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने भारतीय नागरिकों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारतीय नाविकों के परिवारों और दोस्तों के प्रति ईरान की पूरी संवेदना है। साथ ही भारत की जनता और सरकार के प्रति भी सहानुभूति प्रकट की गई। ईरान ने इस घटना को गंभीर मानते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों की जान जाना बेहद दुखद है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप
ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ‘हथियारबंद लूट’ और ‘राज्य प्रायोजित समुद्री डकैती’ बताया। तेहरान का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में इस तरह की सैन्य कार्रवाई वैश्विक समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए खतरा है। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि अमेरिका की इन कार्रवाइयों पर गंभीरता से विचार किया जाए और उसे जवाबदेह ठहराया जाए।
भारत ने विरोध दर्ज कराया, लेकिन अमेरिका का नाम नहीं लिया
हमले के बाद भारत सरकार ने आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए घटना की निंदा की और क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों पर चिंता जताई। भारत ने एक अमेरिकी राजनयिक को तलब कर अपना विरोध भी दर्ज कराया। हालांकि विदेश मंत्रालय के सार्वजनिक बयान में अमेरिका का नाम नहीं लिया गया। भारत ने केवल यह कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की जरूरत है ताकि शांति और स्थिरता बहाल हो सके।
24 भारतीयों में से 21 को बचाया गया
हमले का शिकार बने जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार 21 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था, जबकि तीन नाविक लापता बताए गए थे। बाद में तीनों भारतीयों के शव बरामद किए गए। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी कूटनीतिक सक्रियता
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच यह घटना सामने आई है। भारत ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने और संवाद के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया है। वहीं ईरान के खुले समर्थन और अमेरिका पर लगाए गए आरोपों ने इस मामले को कूटनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील बना दिया है।