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जयपुर के होटल और स्पा सेंटरों पर सुरक्षा के गंभीर सवाल, 59 विदेशी युवतियां डिपोर्ट; ‘खरगोश’ प्रकरण से भी नहीं लिया सबक

जयपुर के होटल, गेस्ट हाउस और स्पा सेंटरों में विदेशी नागरिकों को ठहराने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि कई जगह पासपोर्ट-वीजा की जांच और अनिवार्य सी-फॉर्म प्रक्रिया पूरी किए बिना विदेशी नागरिकों को कमरे दिए जा रहे हैं। विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRO) की कार्रवाई में अब तक अवैध रूप से रह रही 59 विदेशी युवतियों को पकड़ा जा चुका है। इन्हें उनके देशों में वापस भेजा गया है। वहीं, स्पा सेंटरों में देह व्यापार के आरोप और पहले सामने आए आतंकी ‘खरगोश’ के मामले ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता बढ़ा दी है।

जयपुर के होटल और स्पा सेंटर
फोटो: PHOTO AI

मुख्य बातें

  • जयपुर के होटल बने विदेशी नागरिकों का ठिकाना, 59 युवतियां डिपोर्ट
  • ‘खरगोश’ प्रकरण के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था, होटल संचालकों पर सवाल
  • फर्जी दस्तावेज, अवैध ठहराव और सुरक्षा में चूक, जयपुर में बड़ा मामला

JAIPUR, 05 NOV. 2026:

बिना दस्तावेज जांच के विदेशी नागरिकों को ठहराने का आरोप

राजधानी जयपुर में होटल और गेस्ट हाउस संचालकों की लापरवाही का मामला सामने आया है। जांच के अनुसार, कुछ स्थानों पर विदेशी नागरिकों को ठहराने से पहले उनके पासपोर्ट और वीजा की पर्याप्त जांच नहीं की जा रही। अनिवार्य सी-फॉर्म में भी जानकारी दर्ज नहीं किए जाने की शिकायतें हैं।ऐसी स्थिति में किसी विदेशी नागरिक की वास्तविक पहचान और भारत में रहने के उद्देश्य का पता लगाना मुश्किल हो सकता है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी यह चुनौती बन सकती है। इसलिए होटल संचालकों की जिम्मेदारी केवल कमरा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। उन्हें निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना भी जरूरी है।

59 विदेशी युवतियां पकड़ी गईं, वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी रह रही थीं

विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRO) की कार्रवाई में जयपुर से अब तक 59 विदेशी युवतियों को पकड़ा जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार, ये युवतियां अवैध रूप से शहर में रह रही थीं। बाद में इन्हें इनके देशों में वापस भेज दिया गया।जांच में सामने आया कि इनमें से कई युवतियां होटल, गेस्ट हाउस और स्पा सेंटरों में ठहरती थीं। कुछ मामलों में वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी उनके जयपुर में रहने की बात सामने आई। इनके जरिए देह व्यापार कराए जाने के आरोप भी जांच के दायरे में हैं। कुछ युवतियों को नेपाल के रास्ते भारत लाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

विदेशी नागरिकों को ठहराने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान

विदेशी नागरिकों को ठहराने से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट-2025 के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने पर तीन साल तक की सजा हो सकती है।होटल और गेस्ट हाउस संचालकों को विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए। निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनकी जानकारी सी-फॉर्म में दर्ज करना जरूरी है। किसी संदिग्ध या अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक की जानकारी पुलिस और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों को देनी चाहिए।

होटल संचालकों को इन नियमों का करना होगा पालन

विदेशी नागरिकों को कमरा देने से पहले होटल प्रबंधन को उनका पासपोर्ट और वीजा जांचना चाहिए। इसके बाद निर्धारित सी-फॉर्म में आवश्यक जानकारी दर्ज करनी चाहिए। विदेशी नागरिकों को ठहराने से संबंधित पंजीकरण और अनुमति की प्रक्रिया भी पूरी करनी जरूरी है।इसके अलावा, किसी संदिग्ध गतिविधि या अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी चाहिए। मकान किराए पर देने वालों को भी किराएदार का पुलिस सत्यापन करवाना चाहिए। इन प्रक्रियाओं से फर्जी पहचान के सहारे शहर में ठिकाना बनाने की आशंका कम की जा सकती है।

‘खरगोश’ एक साल तक जयपुर में रहा, फर्जी दस्तावेजों से बनाई पहचान

जयपुर में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक का एक मामला आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा यह संदिग्ध जयसिंहपुरा खोर के सड़वा मोड़ के पास किराए के मकान में करीब एक साल तक रहा था।बताया गया कि उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किरायानामा तैयार करवाया। इसके जरिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज भी हासिल कर लिए। यहां तक कि उसका नाम हवामहल विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में भी दर्ज हो गया था। इस मामले ने किराएदारों के सत्यापन और पहचान संबंधी प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

बांग्लादेशी नागरिकों ने फर्जी दस्तावेजों से हासिल किए मकान

दिसंबर 2024 में पुलिस जांच के दौरान कुछ बांग्लादेशी नागरिकों के जयपुर में अवैध रूप से रहने का मामला सामने आया था। आरोप था कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों और पहचान के आधार पर सरकारी आवास योजनाओं का लाभ लिया।जांच में जयसिंहपुरा और सांगानेर के बक्सावाला क्षेत्र में बीएसयूपी और मिशन बसेरा योजना के तहत मकान और फ्लैट आवंटित कराने की जानकारी सामने आई थी। मामला उजागर होने के बाद संबंधित नागरिकों को बांग्लादेश डिपोर्ट कर दिया गया। इस प्रकरण ने भी दस्तावेज सत्यापन की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।

अवैध रूप से ठहराने वालों पर भी होगी कार्रवाई: FRO

विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सागर के अनुसार, अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की जानकारी जुटाकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब ऐसे लोगों को अवैध रूप से ठहराने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।वहीं, होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान ने कहा कि विदेशी नागरिकों के होटल में ठहरने पर उनकी पूरी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को देना जरूरी है। फेडरेशन समय-समय पर अपने सदस्य होटल संचालकों को इस संबंध में जागरूक करता है।

पुलिस का पक्ष

पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सागर के अनुसार, अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की जानकारी जुटाकर लगातार कार्रवाई की जा रही है

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