बारां में बनेंगे नए बांध और नहरें, 13 सिंचाई परियोजनाओं से 1.16 लाख हेक्टेयर जमीन को मिलेगा पानी
राजस्थान के बारां जिले में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने के लिए 13 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से जिले की 1 लाख 16 हजार 205 हेक्टेयर अतिरिक्त कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा। इसके लिए नए बांध, जलाशय, नहरों और पाइप नेटवर्क का निर्माण किया जा रहा है। हथियादेह और अंधेरी मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के साथ कुंजाय, सेमरी और बमनगवां बांध भी इस योजना का हिस्सा हैं। इसके अलावा नाहरगढ़, केलवाड़ा, समरानियां और छबड़ा क्षेत्र के लिए भी सिंचाई योजनाओं की डीपीआर तैयार की जा रही है।

मुख्य बातें
- बारां में बन रहे नए बांध और नहरें, 1.16 लाख हेक्टेयर खेतों तक पहुंचेगा पानी
- राजस्थान के बारां में 13 सिंचाई परियोजनाएं, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
- 830 करोड़ की अंधेरी परियोजना सहित बारां में सिंचाई कार्यों का विस्तार
BARAN, 05 NOV. 2026:
बारां में कृषि भूमि के मुकाबले सिंचाई संसाधन सीमित
बारां जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 6 लाख 95 हजार 550 हेक्टेयर है। इसमें लगभग 3 लाख 53 हजार 616 हेक्टेयर भूमि कृषि योग्य है। जिले का बड़ा हिस्सा खेती पर निर्भर है। हालांकि, मानसून के दौरान मिलने वाले पानी को संग्रहित करने के लिए बड़े जलाशयों की संख्या सीमित है।जिले में बड़े और छोटे बांधों तथा तालाबों की संख्या करीब डेढ़ दर्जन बताई गई है। इनके माध्यम से वर्तमान में 1 लाख 8 हजार 692 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिल रही है। अब निर्माणाधीन 13 परियोजनाओं से सिंचाई क्षेत्र में और विस्तार होने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं से किसानों को खेती के लिए पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
हथियादेह परियोजना से 54 गांवों को मिलेगा लाभ
हथियादेह मध्यम सिंचाई परियोजना के तहत हथियादेह नाले पर बांध का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसमें 46.95 मिलियन घनमीटर पानी संग्रहित किया जा सकेगा। परियोजना से जनजाति बाहुल्य क्षेत्र के 54 गांवों की लगभग 9,900 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी।फिलहाल कमांड क्षेत्र में डिग्गी, पंप हाउस और पाइप नेटवर्क बिछाने का काम चल रहा है। विभाग ने जून 2027 तक परियोजना का काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके बाद क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की योजना है।
अंधेरी नदी पर बनेगा 3 किलोमीटर लंबा बांध
छबड़ा तहसील में अंधेरी मध्यम सिंचाई परियोजना प्रस्तावित है। इसके तहत मूंडकिया गांव के समीप अंधेरी नदी पर लगभग 3 किलोमीटर लंबा बांध बनाया जाएगा। इसमें 45.29 मिलियन घनमीटर पानी संग्रहित करने की योजना है।इस परियोजना से छबड़ा और छीपाबड़ौद क्षेत्र के 56 गांवों की लगभग 9,850 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ मिल सकेगा। विभाग की ओर से निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। परियोजना की अनुमानित लागत 830 करोड़ रुपये बताई गई है।
पार्वती नहर प्रणाली के सुदृढ़ीकरण का काम पूरा
बारां जिले में पुरानी सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने पर भी काम किया गया है। पार्वती नहर प्रणाली के तहत मुख्य नहर और इससे जुड़ी नहरों के सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरा हो चुका है।इस नहर प्रणाली से अटरू, बारां और मांगरोल तहसील के 57 गांवों की लगभग 12,531 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलती है। नहरों के जीर्णोद्धार से पानी के बेहतर प्रवाह और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग में मदद मिलने की उम्मीद है।
तीन बांधों में होगा 14.50 मिलियन घनमीटर से अधिक जल संग्रहण
शाहबाद क्षेत्र में कुंजाय, सेमरी और बमनगवां सिंचाई परियोजनाओं के तहत करई नदी पर तीन बांध बनाए जाएंगे। इनमें कुल 14.50 मिलियन घनमीटर से अधिक पानी संग्रहित करने की योजना है।तीनों बांधों में अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए गेट लगाए जाएंगे। इन परियोजनाओं से आसपास के लगभग 34 गांवों की 5,600 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलना प्रस्तावित है। विभाग ने तीन वर्ष में निर्माण कार्य पूरा कर सिंचाई शुरू करने का लक्ष्य रखा है।
इन क्षेत्रों के लिए भी तैयार हो रही डीपीआर
बारां जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए कुछ अन्य क्षेत्रों पर भी योजना बनाई जा रही है। नाहरगढ़ क्षेत्र की लगभग 9,800 हेक्टेयर भूमि के लिए सिंचाई संसाधन विकसित करने की तैयारी है।इसके अलावा केलवाड़ा और समरानियां क्षेत्र की करीब 15 हजार हेक्टेयर भूमि तथा पार्वती नदी के बाएं किनारे छबड़ा क्षेत्र की लगभग 16 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा देने के लिए विभाग डीपीआर तैयार करवा रहा है। इन योजनाओं के आगे बढ़ने से जिले के अधिक गांवों को सिंचाई नेटवर्क से जोड़ने की संभावना है।
1.16 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि होगी सिंचित: अधीक्षण अभियंता
सिंचाई विभाग बारां के अधीक्षण अभियंता जितेन्द्र शेखर के अनुसार, जिले में सिंचाई संसाधनों के विस्तार के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है। पहले से संचालित परियोजनाओं के अलावा वर्तमान में चल रहे कार्यों से 1 लाख 16 हजार 205 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। परियोजनाओं के पूरा होने से जिले के किसानों को खेती के लिए पानी उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
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