STVNEWS RAJASTHANअलवर से पूरे राजस्थान तकगुरुवार, 5 नवंबर 2026LIVE TVEnglishEN

तीन महीने बाद अग्निवीर समुद्र गुर्जर की अस्थियां पहुंचीं गांव, अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब

अरुणाचल प्रदेश की दिबांग वैली में बादल फटने और भूस्खलन की घटना में लापता हुए अलवर के अग्निवीर समुद्र गुर्जर की अस्थियां करीब तीन महीने बाद उनके पैतृक गांव केसरपुर पहुंचीं। 24 वर्षीय समुद्र की पहचान 3 नवंबर को डीएनए जांच के जरिए हुई थी। परिजनों ने अरुणाचल प्रदेश में उनका अंतिम संस्कार किया। इसके बाद अस्थियां अलवर के इटाराणा आर्मी कैंप लाई गईं। यहां से उन्हें पैदल रैली के रूप में गांव ले जाया गया। अंतिम विदाई देने के लिए हजारों लोग पहुंचे। देशभक्ति के नारों के बीच पूरा गांव शोक में डूबा नजर आया।

समुद्र गुर्जर
फोटो: STV NEWS RAJASTHAN

मुख्य बातें

  • अरुणाचल प्रदेश की दिबांग वैली में बादल फटने और भूस्खलन के दौरान लापता हुए थे समुद्र गुर्जर।
  • 3 नवंबर को डीएनए जांच से उनके शव की पहचान हुई।
  • हजारों ग्रामीणों ने नम आंखों से जवान को अंतिम विदाई दी।

ALWAR,05 NOV. 2026:

करीब तीन महीने बाद गांव पहुंचीं समुद्र की अस्थियां

अलवर जिले के केसरपुर गांव के अग्निवीर समुद्र गुर्जर की अस्थियां आखिरकार उनके पैतृक गांव पहुंच गईं। अरुणाचल प्रदेश की दिबांग वैली में बादल फटने और भूस्खलन की घटना के बाद से वह लापता थे। परिवार को लंबे समय तक उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद बनी रही। हालांकि, 3 नवंबर को डीएनए जांच के जरिए उनकी पहचान की पुष्टि हुई। इसके बाद परिजनों ने अरुणाचल प्रदेश पहुंचकर उनका अंतिम संस्कार किया। अब अस्थियां गांव पहुंचने पर परिवार और ग्रामीणों में शोक की लहर है।

इटाराणा आर्मी कैंप से पैदल रैली के रूप में निकलीं अस्थियां

अग्निवीर समुद्र गुर्जर की अस्थियां अलवर के इटाराणा आर्मी कैंप लाई गईं। यहां से उन्हें उनके पैतृक गांव केसरपुर ले जाया गया। इस दौरान आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। युवा देशभक्ति के नारे लगाते हुए पैदल रैली में आगे बढ़े। वंदे मातरम के नारों और देशभक्ति गीतों के बीच लोगों ने जवान को श्रद्धांजलि दी। गांव तक पहुंचने वाले रास्ते पर जगह-जगह लोगों की भीड़ दिखाई दी। हर कोई अपने गांव के वीर सपूत को अंतिम विदाई देने पहुंचा।

गांव के मुख्य स्टैंड पर पुष्पवर्षा से दी श्रद्धांजलि

अस्थियां केसरपुर गांव के मुख्य स्टैंड पर पहुंचीं तो वहां हजारों लोग मौजूद थे। समुद्र गुर्जर के सम्मान में जेसीबी मशीनों की मदद से पुष्पवर्षा की गई। लोगों ने फूल बरसाकर जवान को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पूरा माहौल भावुक हो गया। आसपास के गांवों के लोग भी अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने पहुंचे। युवाओं ने देशभक्ति के नारों के साथ समुद्र के प्रति सम्मान व्यक्त किया। गांव में हर तरफ शोक और गर्व का मिला-जुला माहौल नजर आया।

गांव पहुंचते ही भावुक हुईं दोनों बहनें

समुद्र गुर्जर की अस्थियां घर और गांव पहुंचीं तो उनकी दोनों बहनें खुद को संभाल नहीं सकीं। भाई को खोने का दुख परिवार के चेहरों पर साफ दिखाई दिया। पिता बदली गुर्जर किसान हैं। समुद्र परिवार का इकलौता बेटा था। लंबे समय तक परिवार को उसके लौटने की उम्मीद थी। लेकिन डीएनए जांच में पहचान की पुष्टि के बाद यह उम्मीद टूट गई। माता-पिता और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।

पूर्व सरपंच बोले- गांव का होनहार बच्चा था समुद्र

पूर्व सरपंच भविंदर पटेल ने बताया कि समुद्र की अस्थियां सेना के राजकीय सम्मान के साथ गांव लाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि समुद्र गांव का होनहार बच्चा था। वह परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत से पूरा गांव दुखी है। समुद्र के लापता होने की खबर मिलने के बाद से ही ग्रामीण और परिजन उसके सुरक्षित मिलने की प्रार्थना कर रहे थे। अब अस्थियां गांव पहुंचने के बाद हर आंख नम है। ग्रामीणों ने इसे पूरे गांव के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

रक्षाबंधन से पहले घर आने की थी तैयारी

समुद्र गुर्जर रक्षाबंधन से पहले छुट्टी लेकर घर आने की तैयारी कर रहे थे। परिवार को भी उनके आने का इंतजार था। लेकिन इससे पहले ही अरुणाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा ने सब कुछ बदल दिया। दिबांग वैली में बादल फटने और बाढ़ के बाद हुए भूस्खलन में समुद्र लापता हो गए थे। इस हादसे में सेना के सात जवान लापता हुए थे। इनमें से दो जवानों को रेस्क्यू कर लिया गया था। समुद्र के लापता होने के बाद से परिवार लगातार उनके लौटने की उम्मीद लगाए बैठा था।

पूरे गांव में शोक, नम आंखों से दी अंतिम विदाई

समुद्र की अस्थियां गांव पहुंचने के साथ ही केसरपुर में शोक का माहौल छा गया। आसपास के गांवों से भी हजारों लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। युवाओं ने पैदल रैली में शामिल होकर देशभक्ति के नारे लगाए। वहीं, ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर जवान के प्रति सम्मान जताया। परिवार के लिए यह घड़ी बेहद कठिन रही। जिस बेटे के घर लौटने का इंतजार था, उसकी अस्थियां गांव पहुंचीं। समुद्र गुर्जर की विदाई ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया।

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