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“सुविधाओं से सशक्त शिक्षा: अलवर की बेटियों को मिला डिजिटल भविष्य का नया आधार”

अलवर में सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम उठाया गया है, जहां स्कीम नंबर-2 स्थित रामगोपाल खन्ना गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला के नेतृत्व और पीएचडी रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन के सहयोग से अब यहां पढ़ने वाली सैकड़ों छात्राओं को डिजिटल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल मिल रहा है। यह पहल सिर्फ भवन का नवीनीकरण नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को नई उड़ान देने की कहानी है।

“जब संसाधन मिलते हैं, सपनों को पंख लग जाते हैं”

अलवर के इस सरकारी स्कूल में अब शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रही, बल्कि तकनीक के साथ आगे बढ़ने का अवसर बन गई है। स्कूल में डिजिटल क्लासरूम, स्मार्ट बोर्ड, आधुनिक कंप्यूटर लैब और अत्याधुनिक साइंस लैब की स्थापना की गई है। इन सुविधाओं के माध्यम से छात्राएं अब नई तकनीकों से जुड़कर बेहतर तरीके से सीख सकेंगी। पहले जहां संसाधनों की कमी शिक्षा में बाधा बनती थी, वहीं अब यह स्कूल नवाचार और आधुनिकता का उदाहरण बन चुका है। यह बदलाव बताता है कि सही दिशा में उठाया गया एक कदम पूरी पीढ़ी का भविष्य बदल सकता है।

“दीवारें भी अब सिखाती हैं—ज्ञान हर कोने में”

स्कूल परिसर को “Building as Learning Aid (BaLA)” पेंटिंग्स से सजाया गया है, जिससे हर दीवार अब सीखने का माध्यम बन गई है। लाइब्रेरी को समृद्ध किया गया है, जहां छात्राओं को पढ़ने और सोचने का नया संसार मिला है। नए फर्नीचर, कक्षाओं की मरम्मत और सुरक्षा के लिहाज से किए गए सुधारों ने स्कूल को एक सुरक्षित और आकर्षक शिक्षण केंद्र बना दिया है।
“जब वातावरण सकारात्मक हो, तो सीखना एक अनुभव बन जाता है, मजबूरी नहीं।”
यह माहौल छात्राओं के आत्मविश्वास और रचनात्मकता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का काम करेगा।

“नेतृत्व जो बदल दे तस्वीर: कलेक्टर की पहल बनी मिसाल”

इस बदलाव के पीछे जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला की दूरदर्शी सोच और सक्रिय प्रयास हैं। उनके मार्गदर्शन में पीएचडी रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन के चेयरमैन अनिल खेतान के सहयोग से यह कार्य संभव हो सका। उद्घाटन के दौरान कलेक्टर ने छात्राओं से संवाद कर उन्हें डिजिटल संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

“एक सशक्त लड़की ही एक सशक्त समाज की नींव रखती है।”

उनकी यह पहल प्रशासन और समाज के सहयोग से शिक्षा में सकारात्मक बदलाव का उत्कृष्ट उदाहरण बन गई है।

“350 सपनों को मिली नई उड़ान”

इस स्कूल में अध्ययनरत करीब साढ़े तीन सौ छात्राओं को इस पहल का सीधा लाभ मिलेगा। आधुनिक संसाधनों से न केवल उनकी पढ़ाई बेहतर होगी, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। इससे स्कूल में नामांकन और उपस्थिति में भी सुधार की उम्मीद है।
“जब बेटियों को अवसर मिलता है, तो वे केवल अपना नहीं, पूरे समाज का भविष्य बदल देती हैं।” यह पहल उन सभी छात्राओं के लिए एक नई शुरुआत है, जो बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला रखती हैं।

“साझेदारी से सशक्त भविष्य की ओर”

यह कहानी केवल एक स्कूल के बदलाव की नहीं, बल्कि उस सोच की है जिसमें प्रशासन और समाज मिलकर बेटियों के भविष्य को संवारते हैं। कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और सभी ने इस पहल की सराहना की। स्कूल प्रिंसिपल अर्चना शर्मा द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। जिला कलक्टर ने प्रतिभावान छात्राओं को सम्मानित भी किया ।

इस दौरान आर एस एस के विभाग संघ चालक डॉक्टर के के गुप्ता , सीडीईओ महेश गुप्ता , एडीपीसी मनोज शर्मा , पूर्व आईपीएस सुधीर प्रताप सिंह, नरेंद्र मोदी , प्रदीप वतराना , एस के पारीक सहित स्कूल स्टाफ एवं छात्र छात्राएं शामिल रहे ।

कहते है “जहां सहयोग होता है, वहां बदलाव निश्चित होता है।”
यह पहल एक प्रेरणा है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो सरकारी स्कूल भी उत्कृष्टता के केंद्र बन सकते हैं और हर बेटी को उसके सपनों की उड़ान मिल सकती है।

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