तिजारा में करंट लगने से गार्ड की दर्दनाक मौत, वेयरहाउस निर्माण स्थल पर हादसा
तिजारा क्षेत्र के चामुंडी खुर्द इलाके में एक निर्माणाधीन वेयरहाउस साइट पर दर्दनाक हादसा सामने आया है। तेज आंधी के बाद गिरे बिजली के खंभे को सीधा करने के दौरान करंट लगने से 48 वर्षीय सुरक्षा गार्ड सुनील कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने कंपनी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने में मामला दर्ज कराया है और मुआवजे की मांग की है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
वेयरहाउस साइट पर काम के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार यह घटना शुक्रवार को उस समय हुई जब चामुंडी खुर्द क्षेत्र में एक कंपनी के वेयरहाउस का निर्माण कार्य चल रहा था। दो दिन पहले आई तेज आंधी और बारिश के कारण साइट के बाहर लगा बिजली का पोल गिर गया था। कंपनी कर्मचारियों के निर्देश पर सुरक्षा गार्ड सुनील कुमार पोल को सीधा कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उसमें करंट दौड़ गया और वे गंभीर रूप से झुलसकर मौके पर ही गिर पड़े।
पहली नौकरी और पहली तनख्वाह से पहले ही छिन गई जिंदगी
मृतक सुनील कुमार कोटकासिम थाना क्षेत्र के जोड़िया गांव के रहने वाले थे। वे केवल एक महीने पहले ही डिलाइट कंपनी में गार्ड के रूप में कार्यरत हुए थे। परिजनों के अनुसार शुक्रवार को उनकी पहली तनख्वाह मिलने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। घटना के बाद उन्हें तुरंत टपूकड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने कंपनी पर लगाए गंभीर आरोप
मृतक के भतीजे सत्येंद्र यादव ने आरोप लगाया कि सुनील कुमार का काम केवल सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी करना था, बिजली के खंभे को संभालना या उठाना उनका कार्य नहीं था। परिजनों का कहना है कि कंपनी को पहले से पता था कि खंभे में करंट हो सकता है, इसके बावजूद उन्हें काम करने के लिए मजबूर किया गया। इसी लापरवाही के कारण यह जानलेवा हादसा हुआ।
मुआवजे और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद परिजनों ने टपूकड़ा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करा दिया है और जांच शुरू कर दी है। परिवार का कहना है कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और उचित मुआवजा नहीं मिलता, वे न्याय की मांग करते रहेंगे। मृतक अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या कंपनी द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। प्रारंभिक जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।