पायलट को लेकर सियासी तकरार तेज: ‘दोनों टांगे कांग्रेस में’ कहकर गहलोत का पलटवार
राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। भाजपा नेताओं द्वारा सचिन पायलट पर किए गए तंज के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुलकर उनका बचाव किया है। गहलोत ने साफ शब्दों में कहा कि पायलट पूरी तरह कांग्रेस के साथ हैं और अब पार्टी छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता। इस बयान के बाद सियासी गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है।
भाजपा का तंज और सियासी बयानबाजी
टोंक में आयोजित एक जनसभा के दौरान भाजपा नेता राधा मोहनदास अग्रवाल ने सचिन पायलट पर कटाक्ष करते हुए उन्हें ‘बहुरूपिया’ बताया। उन्होंने कहा कि पायलट की राजनीतिक स्थिति स्पष्ट नहीं है और उनकी एक टांग कांग्रेस में है, जबकि दूसरी कहीं और नजर आती है। इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी। भाजपा लगातार कांग्रेस के अंदरूनी हालात पर निशाना साधती रही है, और इस टिप्पणी को भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
गहलोत का करारा जवाब और एकजुटता का संदेश
भाजपा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक गहलोत ने पायलट का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पायलट की दोनों टांगे कांग्रेस में हैं और वे यहीं रहेंगे। गहलोत ने यह भी जोड़ा कि अब पायलट पहले जैसी गलती नहीं दोहराएंगे और उन्हें अपने अनुभव से सीख मिल चुकी है। उन्होंने पार्टी में एकता का संदेश देते हुए कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और सभी नेता मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।
मानेसर प्रकरण की फिर चर्चा
गहलोत ने अपने बयान में 2020 के मानेसर घटनाक्रम का भी जिक्र किया, जब कांग्रेस में बड़ा राजनीतिक संकट पैदा हुआ था। उन्होंने कहा कि उस समय पार्टी के विधायकों को बहला-फुसलाकर हरियाणा के मानेसर ले जाया गया था, जिससे सरकार पर खतरा मंडराने लगा था। गहलोत के इस बयान के बाद एक बार फिर उस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और पुराने विवाद फिर से सुर्खियों में आ गए हैं।
भाजपा पर साजिश के आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने उस पूरे घटनाक्रम के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि उस समय भाजपा की शीर्ष नेतृत्व की रणनीति के तहत सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की गई थी। गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायकों को प्रभावित करने के प्रयास किए गए, जिससे राजनीतिक अस्थिरता पैदा हुई। उन्होंने कहा कि उस संकट के दौरान पार्टी को कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
ताजा बयानों से बढ़ी सियासी गर्माहट
हाल के दिनों में गहलोत द्वारा मानेसर प्रकरण का बार-बार जिक्र करने से प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में हलचल और बढ़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन बयानों का असर आने वाले समय में पार्टी के भीतर समीकरणों पर पड़ सकता है। वहीं, भाजपा भी इस मुद्दे को लेकर लगातार कांग्रेस पर हमलावर बनी हुई है, जिससे प्रदेश की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।