‘मोदी कभी नहीं जाएंगे मणिपुर’, अभिजीत दीपके ने ध्रुव राठी की पोस्ट साझा कर कसा तंज

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए मणिपुर का मुद्दा उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यूट्यूबर ध्रुव राठी की एक पोस्ट साझा की और उसी अंदाज में तंज कसा। दीपके की पोस्ट में लिखा है, ‘मोदी कभी नहीं जाएंगे मणिपुर।’ वहीं, ध्रुव राठी की मूल पोस्ट में प्रधानमंत्री के प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं होने पर टिप्पणी की गई थी। यह पोस्ट 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित विपक्षी रैली से पहले सामने आई है।
ध्रुव राठी की पोस्ट साझा कर मणिपुर का जिक्र
ध्रुव राठी ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी के प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं होने को लेकर तंज किया था। अभिजीत दीपके ने उसी वाक्य शैली को आगे बढ़ाते हुए मणिपुर का उल्लेख किया। उनकी पोस्ट में लिखा था, ‘मोदी कभी नहीं जाएंगे मणिपुर।’इस टिप्पणी के जरिए दीपके ने मणिपुर के हालात और प्रधानमंत्री की भूमिका को लेकर सवाल उठाने की कोशिश की। यह उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया है। पोस्ट में उठाए गए सवालों का आकलन मणिपुर की स्थिति और केंद्र सरकार के आधिकारिक कदमों के संदर्भ में किया जाना चाहिए।
दिल्ली मार्च से पहले सामने आई पोस्ट
अभिजीत दीपके की यह पोस्ट ऐसे समय आई है, जब विपक्षी दल 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ रैली की तैयारी कर रहे हैं। INDIA गठबंधन के इस कार्यक्रम में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), कथित वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाए जाने की योजना है।मणिपुर का मुद्दा भी विपक्ष की ओर से केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने के लिए उठाया जाता रहा है। हालांकि, दीपके की पोस्ट को रैली के आधिकारिक एजेंडे का हिस्सा बताने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
राहुल गांधी ने मार्च का किया ऐलान
दिल्ली में प्रस्तावित रैली को लेकर कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं ने तैयारियां तेज की हैं। राहुल गांधी ने मिंटो रोड जंक्शन से अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान तक मार्च निकालने की बात कही है। गठबंधन के नेताओं के अनुसार, इसमें विभिन्न राज्यों से कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होंगे।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जनता के महाभियोग’ से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। विपक्षी दल SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी आपत्तियां उठा रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई
रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम करने की बात कही है। पुलिस के अनुसार, अलग-अलग जिलों के जवानों के साथ अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की जाएगी।वहीं, कनॉट प्लेस से प्रस्तावित मार्च को लेकर पुलिस को अनुमति का आवेदन नहीं मिलने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में मार्च के मार्ग और आयोजन से जुड़ी अंतिम स्थिति प्रशासन की अनुमति तथा आधिकारिक निर्देशों पर निर्भर करेगी।
मणिपुर के मुद्दे पर राजनीतिक बहस
अभिजीत दीपके की पोस्ट ने मणिपुर को लेकर केंद्र सरकार की भूमिका पर चल रही राजनीतिक बहस को फिर चर्चा में ला दिया है। एक ओर विपक्षी नेता प्रधानमंत्री से राज्य के हालात पर जवाब मांगते रहे हैं, वहीं सरकार की ओर से सुरक्षा, शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया जाता रहा है।दीपके की टिप्पणी को उनके राजनीतिक विरोध के रूप में देखा जाना चाहिए। मणिपुर की स्थिति और केंद्र सरकार की भूमिका का आकलन करने के लिए घटनाक्रम, सरकारी रिकॉर्ड और सभी संबंधित पक्षों के बयानों को देखना जरूरी है।
1 नवंबर की रैली पर रहेंगी निगाहें
दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अभिजीत दीपके की पोस्ट में मणिपुर का मुद्दा उठाया गया है, जबकि विपक्षी गठबंधन का घोषित कार्यक्रम SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर केंद्रित बताया गया है।अब रैली में उठाए जाने वाले मुद्दों, उसमें शामिल होने वाले नेताओं और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों पर नजर रहेगी।
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