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जयपुर MBA छात्रा सुसाइड केस: FIR में ब्लैकमेलिंग और यौन शोषण के आरोप, कंपनी अधिकारी पर केस

जयपुर की पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में MBA की पढ़ाई कर रही 23 वर्षीय यशस्वी रोहिला की मौत के मामले में गंभीर आरोप सामने आए हैं। छात्रा के भाई की ओर से शिवदासपुरा थाने में दर्ज FIR में अहमदाबाद की एक कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी योगेश मोटियानी पर ब्लैकमेलिंग और यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं। परिजनों का दावा है कि इंटर्नशिप के दौरान शुरू हुई कथित प्रताड़ना के कारण यशस्वी मानसिक तनाव में थी। FIR में कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी।

परीक्षा देने कॉलेज पहुंची थी यशस्वी,

मुख्य बातें

  • जयपुर MBA छात्रा मौत मामला: FIR में कंपनी अधिकारी पर ब्लैकमेलिंग के आरोप
  • इंटर्नशिप के दौरान शुरू हुई प्रताड़ना? यशस्वी की मौत के बाद FIR में बड़ा खुलासा
  • परीक्षा देने कॉलेज पहुंची थी MBA छात्रा, मौत के बाद सामने आई ब्लैकमेलिंग की शिकायत

02 NOVEMBER,2026:

इंटर्नशिप से शुरू हुआ मामला, MBA छात्रा की मौत के बाद गंभीर आरोप

जयपुर में MBA छात्रा यशस्वी रोहिला की मौत का मामला अब गंभीर आपराधिक आरोपों के कारण चर्चा में है। पूर्णिमा यूनिवर्सिटी की छात्रा यशस्वी की मौत के बाद उसके भाई ने शिवदासपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। FIR में अहमदाबाद की Blue Waves Logistic Pvt. Ltd. कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी योगेश मोटियानी का नाम सामने आया है। परिजनों ने अधिकारी पर झूठे वादे, कथित यौन शोषण और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि लगातार मानसिक प्रताड़ना से यशस्वी परेशान थी।

तीन महीने की इंटर्नशिप के लिए अहमदाबाद की कंपनी में हुआ था चयन

23 वर्षीय यशस्वी रोहिला पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में MBA बैच 2025-27 की छात्रा थी। MBA के पहले वर्ष के बाद उसके पाठ्यक्रम में तीन महीने की इंटर्नशिप शामिल थी। इसके लिए विश्वविद्यालय में विभिन्न कंपनियों की ओर से चयन प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इसी दौरान अहमदाबाद की Blue Waves Logistic Pvt. Ltd. कंपनी में यशस्वी का इंटरव्यू हुआ। चयन के बाद उसने कंपनी में इंटर्नशिप शुरू की। परिजनों की शिकायत के अनुसार, इसी दौरान कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ उसका संपर्क हुआ। बाद में यही संपर्क गंभीर विवाद का कारण बन गया।

कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी पर ब्लैकमेलिंग और यौन शोषण के आरोप

यशस्वी के परिवार की ओर से दर्ज FIR में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी योगेश मोटियानी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर झूठे वादों और प्रलोभनों के जरिए यशस्वी को अपने करीब किया। परिवार का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए और एक वीडियो भी बनाया गया। बाद में इसी वीडियो के माध्यम से उसे ब्लैकमेल किया जाने लगा। FIR में यह भी आरोप है कि आरोपी लगातार उस पर संबंध बनाने का दबाव डालता था। इन आरोपों की पुलिस जांच अभी महत्वपूर्ण है।

  1. 29 अक्टूबर को परिवार को बताई थी पूरी बात

FIR में 29 अक्टूबर की तारीख को अहम बताया गया है। शिकायत के अनुसार, इसी दिन यशस्वी ने अपने परिवार को कथित ब्लैकमेलिंग और प्रताड़ना के बारे में जानकारी दी थी। परिजनों ने उसे समझाया और संबंधित व्यक्ति का फोन नहीं उठाने की सलाह दी। परिवार का कहना है कि वे इस पूरे मामले को लेकर चिंतित थे। उन्होंने यशस्वी को मानसिक रूप से संभालने का प्रयास भी किया। हालांकि, इसके बावजूद परिस्थितियां सामान्य नहीं हो सकीं। परिवार के आरोपों के अनुसार, इसके बाद भी आरोपी की ओर से संपर्क किए जाने का सिलसिला जारी रहा।

परीक्षा देने कॉलेज पहुंची थी यशस्वी, फिर सामने आई दुखद घटना

परिजनों की FIR के अनुसार, 31 अक्टूबर को यशस्वी परीक्षा देने के लिए कॉलेज पहुंची थी। आरोप है कि इसी दौरान योगेश मोटियानी ने उसे फोन किया और फिर से कथित तौर पर परेशान किया। परिवार का दावा है कि फोन पर उसे ब्लैकमेल करने की धमकी दी गई थी। इसी दिन यशस्वी ने विश्वविद्यालय की छठी मंजिल से छलांग लगा दी। घटना के बाद उसे बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। इस घटना ने विश्वविद्यालय परिसर और छात्र समुदाय को झकझोर दिया।

कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर भी उठाए सवाल

इस मामले में परिवार ने केवल कंपनी के अधिकारी पर ही आरोप नहीं लगाए हैं। FIR में कॉलेज प्रशासन की कथित लापरवाही का भी उल्लेख किया गया है। परिजनों का मानना है कि इंटर्नशिप के दौरान छात्रा की सुरक्षा और शिकायतों से जुड़े पहलुओं पर उचित ध्यान दिया जाना चाहिए था। ऐसे मामलों में शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होती है। हालांकि, कॉलेज प्रशासन की वास्तविक भूमिका और किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच का विषय है। पुलिस की जांच में कंपनी, संबंधित अधिकारी और विश्वविद्यालय से जुड़े पहलुओं की पड़ताल अहम होगी।

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