जेल से बाहर आते ही आजम खान को ED ने हिरासत में लिया, बोले- ‘क्या मुसलमान होने की यही सजा है?’
रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की जेल से रिहाई के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें हिरासत में ले लिया। शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को रामपुर जिला जेल के बाहर केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम पैरामिलिट्री फोर्स के साथ मौजूद थी। जेल से बाहर आते ही ED की टीम उन्हें अपने साथ ले गई। इस दौरान आजम खान ने मीडिया से कहा, “क्या मुसलमान होने की यही सजा है?” उन्होंने आरोप लगाया कि एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा विश्वविद्यालय और बच्चों के लिए स्कूल बनाना ही उनका गुनाह बना दिया गया। आजम खान को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। वहीं, ED की कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक अलग मामले में बताई जा रही है।
जेल से रिहा होते ही ED ने लिया हिरासत में
आजम खान शनिवार को रामपुर जिला जेल से बाहर आए। उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद समर्थक जेल के बाहर जमा थे। इसी दौरान ED की टीम पैरामिलिट्री फोर्स के साथ पहले से मौजूद थी।जेल से बाहर निकलते ही जांच एजेंसी ने आजम खान को हिरासत में ले लिया। इस घटनाक्रम के बाद समर्थकों ने विरोध जताते हुए ED के खिलाफ नारेबाजी की। रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी की करीब तीन गाड़ियां जेल के बाहर खड़ी थीं। फिलहाल उन्हें हिरासत में लेने के बाद कहां ले जाया गया, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
आजम खान बोले- ‘क्या मुसलमान होने की यही सजा है?’
जेल से बाहर आने और ED की हिरासत में जाने से पहले आजम खान ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा, “अब कहने के लिए बचा ही क्या है? मैं क्या कहूं? कानून तो जैसे खत्म ही हो गया है। क्या मुसलमान होने की यही सजा है?”उन्होंने आगे कहा कि उनकी गलती केवल इतनी थी कि एक मुसलमान ने विश्वविद्यालय बनाया और बच्चों के लिए स्कूल बनवाए। आजम खान ने सवाल उठाया कि क्या यही उनका गुनाह है।उनका यह बयान मौजूदा कानूनी घटनाक्रम पर उनकी प्रतिक्रिया है। उनके आरोपों और मामले की वास्तविक कानूनी स्थिति का आकलन संबंधित अदालतों के आदेशों के आधार पर किया जाना चाहिए।
समर्थकों का हाथ हिलाकर किया अभिवादन
रामपुर जेल के बाहर का वीडियो भी सामने आया है। इसमें आजम खान जेल से बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं। गाड़ी में बैठने से पहले उन्होंने वहां मौजूद समर्थकों की ओर हाथ हिलाकर अभिवादन किया।वीडियो में वह आसमान की ओर इशारा करते भी नजर आए। इसके बाद ED की टीम उन्हें अपने साथ ले गई। इस दौरान जेल के आसपास पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती दिखाई दी। रिहाई का इंतजार कर रहे समर्थकों के बीच ED की कार्रवाई से हलचल बढ़ गई। दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली थी जमानतआजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली थी। हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर 2026 को दोनों की सजा निलंबित कर जमानत मंजूर की थी। हालांकि, अदालत ने उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की थी।जमानत की शर्तों के तहत दोनों को निर्धारित जमानत राशि और जमानतियों से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करनी थीं। इसके बाद रामपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने रिहाई के परवाने जारी किए। दोनों की ओर से जरूरी रकम जमा कराए जाने के बाद जेल से रिहाई की प्रक्रिया पूरी हुई।
ED का मामला अलग, मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ी कार्रवाई
आजम खान को ED ने जेल से रिहाई के तुरंत बाद हिरासत में लिया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एजेंसी ने 14 अक्टूबर को उनके खिलाफ एक अलग मामला दर्ज किया था। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच के संदर्भ में बताई जा रही है।इससे पहले ED की टीम रामपुर जेल में आजम खान से पूछताछ भी कर चुकी थी। जांच एजेंसी की कार्रवाई और दो पैन कार्ड मामले में मिली जमानत अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाएं हैं। इसलिए एक मामले में जमानत मिलने का अर्थ दूसरे मामले में स्वतः रिहाई नहीं है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर
आजम खान की जेल से रिहाई के तुरंत बाद ED की हिरासत में लिए जाने की घटना ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा बढ़ा दी है। एक ओर उन्होंने अपनी हिरासत पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में कार्रवाई कर रही है।फिलहाल ED की ओर से हिरासत के बाद की विस्तृत प्रक्रिया और आजम खान को पेश किए जाने से संबंधित जानकारी सामने आना बाकी है। आगे की स्थिति एजेंसी की कार्रवाई और अदालत में होने वाली सुनवाई से स्पष्ट होगी।