बिहार में दो निर्दलीय MLC BJP में शामिल, राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी ने थामा पार्टी का दामन
पटना। बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य की राजनीति में नया घटनाक्रम सामने आया है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय जीतने वाले डॉ. राहुल राज और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित बंशीधर ब्रजवासी भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राहुल राज को पार्टी की सदस्यता दिलाई। दोनों नवनिर्वाचित MLC के भाजपा में शामिल होने से विधान परिषद में पार्टी की स्थिति मजबूत होने की चर्चा है। हालांकि, दोनों के शामिल होने के बाद सदन में दलगत संख्या का आधिकारिक अपडेट सामने आना बाकी है।
चुनाव के दो दिन बाद भाजपा में शामिल हुए दोनों निर्दलीय MLC
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव परिणाम 28 अक्टूबर को सामने आए थे। इसके दो दिन बाद निर्दलीय उम्मीदवारों के रूप में जीतने वाले राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी भाजपा में शामिल हो गए।राहुल राज ने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की थी। वहीं, बंशीधर ब्रजवासी तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे। दोनों के भाजपा में शामिल होने से बिहार विधान परिषद के राजनीतिक समीकरणों में बदलाव आया है।
टिकट नहीं मिलने पर राहुल राज ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था
डॉ. राहुल राज पहले भाजपा से जुड़े रहे थे। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी का टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने के कारण भाजपा ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था।चुनाव में जीत के बाद अब उनकी भाजपा में वापसी हुई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस घटनाक्रम के बाद राहुल राज की वापसी को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
राहुल राज बोले- यह घर वापसी नहीं है
भाजपा में शामिल होने के बाद राहुल राज ने अपनी वापसी को ‘घर वापसी’ मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि चुनाव में उनकी उम्मीदवारी विचारधारा और राजनीतिक पृष्ठभूमि के आधार पर थी।राहुल राज के मुताबिक, यदि भाजपा या जेडीयू का कोई कार्यकर्ता वहां से चुनाव लड़ता, तो वह अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के लिए तैयार होते। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने ऐसा किया था।उन्होंने सवाल उठाया कि कोई व्यक्ति महज 10 दिनों में अपनी विचारधारा कैसे बदल सकता है। उनके इस बयान को भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
बंशीधर ब्रजवासी भी भाजपा में शामिल
तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव जीतने वाले बंशीधर ब्रजवासी ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। उनके चुनाव जीतने के बाद से ही राजनीतिक दलों की नजर उनकी अगली भूमिका पर थी।दोनों निर्दलीय MLC के भाजपा में आने से पार्टी को विधान परिषद में अतिरिक्त समर्थन मिला है। हालांकि, सदन में इसकी औपचारिक स्थिति और संख्या का आकलन आधिकारिक सदस्यता रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना चाहिए।
बिहार MLC चुनाव में किसे मिली थीं कितनी सीटें?
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव में भाजपा ने तीन सीटें जीती थीं। जनता दल यूनाइटेड (JDU), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और जन सुराज पार्टी को एक-एक सीट मिली थी। दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी।इन निर्दलीय विजेताओं में राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी शामिल थे। चुनाव के बाद दोनों का भाजपा में शामिल होना राज्य की राजनीति में नया घटनाक्रम है। अब देखना होगा कि उनके पार्टी में आने से विधान परिषद के कामकाज और आगामी राजनीतिक समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।
बिहार की राजनीति में नए समीकरण
दो निर्दलीय MLC के भाजपा में शामिल होने से बिहार में पार्टी की स्थिति को अतिरिक्त समर्थन मिला है। राहुल राज की भाजपा में वापसी और बंशीधर ब्रजवासी का पार्टी से जुड़ना चुनाव परिणाम के बाद का महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है।हालांकि, दोनों नेताओं के शामिल होने से आगे की राजनीतिक रणनीति किस तरह बदलेगी, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में दोनों नेताओं का भाजपा में शामिल होना चर्चा का विषय बना हुआ है।