#राज्य-शहर #सोशल

राजस्थान के सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्ले स्कूल की तरह होंगे विकसित, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

जयपुर। राजस्थान में आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के दैनिक संचालन, बच्चों की शाला पूर्व शिक्षा और पोषण संबंधी गतिविधियों की नियमित निगरानी करने को कहा। साथ ही औचक निरीक्षण के दौरान निर्धारित गतिविधि कैलेंडर की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सरकार का उद्देश्य तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा और पोषण सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल की तरह विकसित करने के निर्देश

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को जयपुर के गांधीनगर स्थित समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) निदेशालय में समीक्षा बैठक की। इसमें पोषण 2.0 योजना, आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों और कार्यकर्ताओं की कार्यप्रणाली पर चर्चा हुई।बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाए। इसके लिए बच्चों की उम्र के अनुसार शाला पूर्व शिक्षा की गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को केंद्रों का नियमित भ्रमण और समय-समय पर औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।

तीन से छह साल के बच्चों के लिए संचालित होती हैं शाला पूर्व गतिविधियां

आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन से छह वर्ष तक के बच्चों के लिए प्रतिदिन शाला पूर्व शिक्षा की गतिविधियां संचालित की जाती हैं। इसके तहत बच्चों को खेल, बातचीत और अन्य आयु-उपयुक्त गतिविधियों के माध्यम से सीखने के अवसर दिए जाते हैं।मुख्य सचिव ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से केंद्रों की दैनिक समय-सारणी और गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित कैलेंडर के अनुसार सभी गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हों। औचक निरीक्षण के दौरान भी इसकी पालना सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों और अन्य लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिल सके।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम की सराहना

बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने केंद्रों पर होने वाली प्रमुख गतिविधियों की जानकारी दी। इनमें बच्चों की शाला पूर्व शिक्षा, देखभाल, अल्पाहार और गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराना शामिल है।इसके अलावा, कार्यकर्ता पोषण ट्रैकर पर गतिविधियों का विवरण अपडेट करती हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत लाभार्थियों का पंजीकरण भी किया जाता है। बच्चों के विकास की निगरानी, परिवार सर्वेक्षण और लक्षित गृह भ्रमण जैसे कार्य भी उनकी जिम्मेदारी में शामिल हैं।मुख्य सचिव ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि समाज और बच्चों के विकास में उनका योगदान महत्वपूर्ण है।

100 उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम का होगा संकलन

मुख्य सचिव ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली 100 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चिन्हित करने के निर्देश दिए। उनके कार्यों और अनुभवों का संकलन तैयार कर उसका प्रकाशन कराने को कहा गया है।इसका उद्देश्य बेहतर काम करने वाली कार्यकर्ताओं के प्रयासों को सामने लाना और अन्य कार्यकर्ताओं को भी प्रेरित करना है। बैठक में बताया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर मासिक गतिविधियों के तहत महीने में दो बार समुदाय आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा महीने में एक बार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण दिवस (MCHN) मनाया जाता है। आंगनबाड़ी प्रबंधन समिति और कार्यकर्ता-अभिभावक बैठकें भी आयोजित की जाती हैं।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए ‘कैश प्लस मॉडल’ की सराहना

मुख्य सचिव ने विभाग की ओर से शाला पूर्व शिक्षा, मातृ स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से प्रदेश में संचालित ‘कैश प्लस मॉडल’ का उल्लेख किया।इस मॉडल के तहत प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के माध्यम से गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) से जोड़ने के साथ व्यवहार परिवर्तन संचार गतिविधियां भी संचालित की जाती हैं। इसका उद्देश्य आर्थिक सहायता के साथ स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाना है।

बच्चों में विकासात्मक देरी की पहचान पर जोर

मुख्य सचिव ने बच्चों में विकासात्मक देरी के लक्षणों की समय रहते पहचान करने के लिए फील्ड कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए, ताकि जरूरतमंद बच्चों की पहचान और उचित प्रबंधन समय पर किया जा सके।इसके लिए यूनिसेफ और विभाग को डिजिटल प्रबंधन व्यवस्था पर काम करने के दिशा-निर्देश भी दिए गए। डिजिटल माध्यमों से बच्चों के विकास की निगरानी और जरूरी जानकारी का रिकॉर्ड रखने में मदद मिल सकती है।

ANM, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा सहयोगिनी के बीच समन्वय

मुख्य सचिव ने एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा सहयोगिनी यानी AAA के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन तीनों की संयुक्त भूमिका से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण की स्थिति में सुधार लाने में मदद मिल सकती है।स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए फील्ड स्तर पर समन्वय, नियमित संवाद और लाभार्थियों तक समय पर सेवाएं पहुंचाना महत्वपूर्ण है।

सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की

बैठक के दौरान राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर निदेशालय परिसर में पौधरोपण भी किया गया।कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा ICDS के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद अब आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण, शाला पूर्व शिक्षा और पोषण गतिविधियों के संचालन पर विभाग की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *