#राज्य-शहर

मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं मिलेगा? लोकसभा में केंद्र सरकार ने बताई वजह

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले स्थित ऐतिहासिक मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किए जाने की मांग पर केंद्र सरकार ने लोकसभा में अपना पक्ष स्पष्ट किया है। सांसद हनुमान बेनीवाल के सवाल के जवाब में सरकार ने कहा कि फिलहाल इस संबंध में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सरकार का कहना है कि स्थल पर बड़े पैमाने पर आधुनिक निर्माण और विकास कार्य होने के कारण यह राष्ट्रीय महत्व के स्मारक घोषित किए जाने के निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता।

लोकसभा में केंद्र सरकार ने दिया स्पष्ट जवाब

लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित करने के संबंध में पहले कई अभ्यावेदन प्राप्त हुए थे। इसके बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा स्थल का निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण में पाया गया कि परिसर में व्यापक स्तर पर आधुनिक निर्माण और विकास कार्य हो चुके हैं। सरकार के अनुसार इन परिवर्तनों के कारण स्थल की मूल पुरातात्विक विशेषताएं, प्रामाणिकता और अखंडता प्रभावित हुई हैं। इसी आधार पर फिलहाल इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

आदिवासी इतिहास और शहादत का प्रमुख प्रतीक है मानगढ़ धाम

बांसवाड़ा जिले में राजस्थान-गुजरात सीमा पर स्थित मानगढ़ धाम आदिवासी इतिहास का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। समाज सुधारक गोविंद गुरु के नेतृत्व में भील समुदाय में सामाजिक जागरण का आंदोलन यहीं से संचालित हुआ था। 17 नवंबर 1913 को ब्रिटिश शासन के दौरान मानगढ़ पहाड़ी पर एकत्र निहत्थे आदिवासियों पर गोलीबारी हुई थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु हुई। इस घटना को कई लोग “राजस्थान का जलियांवाला बाग” भी कहते हैं। यह स्थल राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी समाज के लिए आस्था और शौर्य का प्रतीक माना जाता है।

राष्ट्रीय स्मारक बनाने पर अलग-अलग राय सामने आई

मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग मत सामने आए हैं। कांग्रेस विधायक अर्जुन बामनिया ने कहा कि यह आदिवासी शहीदों के सम्मान से जुड़ा विषय है और इस स्थल को उचित मान्यता मिलनी चाहिए। वहीं मानगढ़ धाम के महंत रामचंद्र महाराज ने राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा दिए जाने को लेकर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि ऐसा होने पर यहां वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं, पूजा-अर्चना और स्थानीय व्यवस्थाओं पर प्रभाव पड़ सकता है।

राष्ट्रीय स्मारक पर बहस जारी, फैसला फिलहाल नहीं

मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग लंबे समय से उठती रही है, लेकिन केंद्र सरकार के ताजा जवाब के बाद फिलहाल इस दिशा में आगे बढ़ने की संभावना नहीं दिख रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। हालांकि यह मुद्दा ऐतिहासिक विरासत, आदिवासी पहचान और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा होने के कारण आने वाले समय में भी राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना रह सकता है।

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *