जयपुर में पानी में डूबा स्कूल का रास्ता, बच्चे गिरने को मजबूर; JDA टीम करेगी जांच
जयपुर में बारिश के बाद स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ गई है। कालवाड़ रोड स्थित मंगलम सिटी में गोविंद सरोवर से निवारू रोड की ओर जाने वाला कच्चा रास्ता पानी में डूब गया है। वार्ड नंबर 26 के इस रास्ते से रोजाना कई बच्चे स्कूल आते-जाते हैं। पानी भरने के कारण मुख्य रास्ता बेहद संकरा और फिसलन भरा हो गया है। बच्चों को रास्ते के किनारे से होकर निकलना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि कई छोटे बच्चे पहले भी पानी में गिर चुके हैं। मामले को लेकर जिला प्रशासन ने JDA को जानकारी दी है। JDA की टीम मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करेगी।
बारिश के बाद रास्ते पर भर गया पानी
मंगलम सिटी में बारिश के बाद गोविंद सरोवर से निवारू रोड की ओर जाने वाला कच्चा रास्ता पूरी तरह जलभराव की चपेट में है। रास्ते पर इतना पानी जमा है कि सामान्य तरीके से पैदल निकलना मुश्किल हो गया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह रास्ता क्षेत्र के बच्चों के लिए स्कूल जाने का प्रमुख मार्ग है। पानी भरने के बाद बच्चे सड़क के किनारे मौजूद संकरी पट्टी से होकर गुजर रहे हैं।
फिसलन भरे रास्ते से स्कूल जा रहे बच्चे
जलभराव के कारण रास्ते का कुछ हिस्सा बेहद फिसलन भरा हो गया है। बच्चों को पानी से बचने के लिए किनारे से होकर निकलना पड़ रहा है। कई जगह रास्ता इतना संकरा है कि पैर रखने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं बचती।
ऐसे में बच्चों को संतुलन बनाकर आगे बढ़ना पड़ता है। अभिभावकों को आशंका है कि पैर फिसलने से कोई बच्चा गहरे पानी में गिर सकता है।
कई बार पानी में गिर चुके हैं बच्चे
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि बारिश के दिनों में यह समस्या बार-बार सामने आती है। कई बार छोटे बच्चे रास्ते से गुजरते समय संतुलन बिगड़ने के कारण गंदे पानी में गिर चुके हैं।
इससे बच्चों के कपड़े खराब होने के साथ उन्हें चोट लगने की बात भी सामने आई है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजने के बाद उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर चिंता बनी रहती है।
पहले भी प्रशासन को समस्या बताने का दावा
स्थानीय लोगों के अनुसार, रास्ते और जलभराव की समस्या को लेकर पहले भी प्रशासन को जानकारी दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
लोगों का कहना है कि बारिश होते ही यह समस्या दोबारा खड़ी हो जाती है। रास्ते को दुरुस्त करने के साथ पानी की निकासी की व्यवस्था करना जरूरी है, ताकि बच्चों और स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के लिए यह रास्ता रोजमर्रा की मजबूरी बन गया है। पानी से घिरे रास्ते से गुजरते समय छोटे बच्चों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।
कई अभिभावक बच्चों के साथ खुद भी रास्ते से गुजरते हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द रास्ते की स्थिति नहीं सुधारी गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
कलक्टर ने JDA को दिए कार्रवाई के निर्देश
मामला सामने आने के बाद जिला कलक्टर संदेश नायक ने कहा कि प्रशासन इसे गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने बताया कि JDA के अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया है।
कलक्टर के निर्देश के बाद JDA ने मौके की स्थिति देखने के लिए टीम भेजने की तैयारी की है। अधिकारियों के अनुसार पहले पानी निकालने की व्यवस्था की जाएगी।
JDA टीम करेगी मौके का निरीक्षण
JDA के डीसी दिनेश शर्मा के मुताबिक, मौके पर टीम भेजी जा रही है। फिलहाल पंपों की मदद से रास्ते से पानी निकालने की कार्रवाई की जाएगी।
टीम मौके पर जलभराव और रास्ते की स्थिति का निरीक्षण करेगी। इसके बाद समस्या के स्थायी समाधान को लेकर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अब स्थानीय लोगों की नजर JDA की जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर है।