भिवाड़ी सभापति चुनाव में बड़ा उलटफेर, डॉ. गुंजन खटाना निर्विरोध निर्वाचित
भिवाड़ी नगर परिषद सभापति चुनाव में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। भाजपा प्रत्याशी डॉ. गुंजन खटाना निर्विरोध सभापति निर्वाचित हुईं। कांग्रेस प्रत्याशी गगन तंवर ने नामांकन वापस ले लिया। इसके साथ ही सभापति पद का चुनाव मुकाबले के बिना समाप्त हो गया। इससे पहले पूर्व सभापति शीशराम तंवर ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन वापस ले लिया था। नाम वापसी के बाद भाजपा प्रत्याशी के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया। घटनाक्रम के बाद भिवाड़ी नगर परिषद में बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
गगन तंवर ने नामांकन वापस लिया
सभापति पद के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबले की स्थिति बनी हुई थी। भाजपा ने डॉ. गुंजन खटाना को प्रत्याशी बनाया था, जबकि कांग्रेस की ओर से गगन तंवर ने नामांकन दाखिल किया था।
शुक्रवार को गगन तंवर ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद सभापति पद पर कोई दूसरा प्रत्याशी मैदान में नहीं बचा और डॉ. गुंजन खटाना को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।
पहले शीशराम तंवर ने भी वापस लिया था नाम
भिवाड़ी सभापति चुनाव में इससे पहले भी बड़ा घटनाक्रम सामने आया था। पूर्व सभापति शीशराम तंवर ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया था।
बाद में उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद चुनावी मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच सीमित रह गया था। अब कांग्रेस प्रत्याशी के नाम वापस लेने के बाद भाजपा प्रत्याशी का निर्विरोध निर्वाचन हुआ।
भिवाड़ी की राजनीति में बदला समीकरण
नामांकन वापसी के घटनाक्रम के बाद भिवाड़ी नगर परिषद की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। चुनाव से पहले अलग-अलग दावेदारों के मैदान में उतरने से मुकाबले को लेकर राजनीतिक हलचल बनी हुई थी।
लेकिन दो प्रत्याशियों के नामांकन वापस लेने के बाद अब सभापति पद का चुनाव निर्विरोध हो गया। इससे नगर परिषद में आगे के राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बाबा बालक नाथ की भूमिका को लेकर चर्चाएं
इस पूरे घटनाक्रम के बीच तिजारा विधायक बाबा बालक नाथ की भूमिका को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं सामने आई हैं। हालांकि, नामांकन वापसी के फैसले में उनकी प्रत्यक्ष भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
ऐसे में राजनीतिक हलकों में चल रही चर्चाओं और आधिकारिक रूप से सामने आए तथ्यों को अलग-अलग देखना जरूरी है। फिलहाल तथ्य यह है कि कांग्रेस प्रत्याशी गगन तंवर ने नामांकन वापस लिया और भाजपा की डॉ. गुंजन खटाना निर्विरोध निर्वाचित हुईं।
भाजपा के बोर्ड गठन की राह साफ
सभापति के निर्विरोध निर्वाचन के बाद भिवाड़ी नगर परिषद में भाजपा के बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। सभापति पद पर भाजपा प्रत्याशी के निर्विरोध चुने जाने से पार्टी के लिए नगर परिषद के नेतृत्व की स्थिति स्पष्ट हो गई है।
हालांकि बोर्ड की अन्य प्रक्रियाओं और पदों को लेकर आगे की स्थिति संबंधित चुनावी प्रक्रिया के अनुसार स्पष्ट होगी। अब निगाहें नगर परिषद की आगामी गतिविधियों और नए सभापति के कामकाज पर रहेंगी।
सियासी उठापटक का हुआ पटाक्षेप
भिवाड़ी सभापति चुनाव को लेकर नामांकन के समय से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज थीं। पहले निर्दलीय प्रत्याशी शीशराम तंवर की नाम वापसी और अब कांग्रेस प्रत्याशी गगन तंवर के मैदान से हटने के बाद चुनावी मुकाबला समाप्त हो गया।
डॉ. गुंजन खटाना के निर्विरोध निर्वाचन के साथ ही सभापति चुनाव का सियासी अध्याय फिलहाल खत्म हो गया है। अब नगर परिषद में नई जिम्मेदारी संभालने के बाद सभापति के सामने शहर से जुड़े विकास और स्थानीय मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी।