Train Accident: वैष्णो देवी जा रही चलती ट्रेन दो हिस्सों में टूटकर अलग हुई, धमाके के साथ बोगी क्षतिग्रस्त; बाल-बाल बचे 1200 यात्री
दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा जा रही एक स्पेशल ट्रेन शनिवार को पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन के पास एक बड़े तकनीकी हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। चलती ट्रेन का एक स्लीपर कोच अचानक तेज धमाके की आवाज के साथ टूटकर दो हिस्सों में बंट गया। घटना के समय ट्रेन में करीब 1,200 यात्री सवार थे। गनीमत यह रही कि ट्रेन की रफ्तार बेहद कम थी, जिसके चलते एक बड़ा रेल हादसा होने से टल गया और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। सूचना मिलते ही रेलवे के आला अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।
लुधियाना स्टेशन से रवाना होते ही हुआ तकनीकी हादसा
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना शनिवार (6 जून) को लुधियाना रेलवे स्टेशन से ट्रेन के रवाना होने के महज 5 मिनट बाद ही घटित हुई। जैसे ही ट्रेन ने गति पकड़नी शुरू की, अचानक स्लीपर कोच के टॉयलेट के पास से एक जोरदार आवाज आई। देखते ही देखते कोच का कपलिंग और पैनल का हिस्सा टूट गया और बोगी अपने आगे वाले डिब्बे से पूरी तरह अलग हो गई। ट्रेन के अचानक दो टुकड़ों में बंटने से बोगियों के भीतर बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया और लोग डर के मारे चिल्लाने लगे।
ब्लास्ट नहीं, वेल्डिंग फेलियर के कारण टूटा 15 साल पुराना डिब्बा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए लुधियाना के एडीसीपी (ADCP) समीर वर्मा ने तुरंत स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि यह किसी भी प्रकार का बम ब्लास्ट या आपराधिक विस्फोट नहीं था। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बोगी में तकनीकी खराबी के चलते ‘वेल्डिंग फेलियर’ हुआ था, जिसके दबाव से कोच का पैनल ब्रेक हो गया। चौंकाने वाली बात यह है कि दुर्घटनाग्रस्त हुआ यह डिब्बा महज 15 साल पुराना था, जबकि आमतौर पर रेलवे के डिब्बों की औसत उम्र 25 साल होती है। समय से पहले हुए इस डैमेज को लेकर रेलवे प्रशासन सतर्क हो गया है।
अलर्ट स्टाफ ने तुरंत रोकी ट्रेन, सभी यात्रियों को सुरक्षित उतारा
फिरोजपुर रेल मंडल के डीआरएम (DRM) संजीव कुमार ने बताया कि जैसे ही डिब्बा टूटने की तेज आवाज आई, ऑन-ड्यूटी रेलवे स्टाफ और लोको पायलट ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को वहीं रोक दिया। इसके बाद बिना समय गंवाए प्रभावित बोगियों से सभी यात्रियों को बेहद सुरक्षित तरीके से नीचे उतारा गया। रेलवे की तकनीकी टीम ने तुरंत ट्रैक पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त बोगी को अलग किया और उसकी जगह नया डिब्बा जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की, ताकि यात्रियों को जल्द से जल्द गंतव्य के लिए रवाना किया जा सके।
‘माता रानी की कृपा से बची जान’, यात्रियों ने बयां किया आंखों देखा हाल
ट्रेन में सफर कर रहे यात्री अमित चौहान ने बताया कि दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्रस्थान के आखिरी समय में इस पुराने डिब्बे को ट्रेन के साथ जोड़ा गया था। उन्होंने कहा, “जैसे ही ट्रेन लुधियाना से आगे बढ़ी, एक भयानक आवाज हुई और पूरा डिब्बा हिल गया। यह तो शुक्र है माता रानी का कि उनकी असीम कृपा से हम सब सुरक्षित हैं। अगर यही हादसा ट्रेन की हाई-स्पीड के दौरान बीच रास्ते में कहीं हुआ होता, तो सैकड़ों जानें जा सकती थीं।”
ब्लू स्टार की बरसी के चलते अलर्ट थी पुलिस, सुरक्षा और बढ़ी
चूंकि पंजाब में ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ की बरसी के मद्देनजर पहले से ही पूरे राज्य और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद थी, इसलिए इस हादसे के बाद सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा मुस्तैद हो गईं। अफवाहों को रोकने के लिए रेलवे और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। रेलवे बोर्ड ने यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही फंसे हुए यात्रियों के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।