जंतर-मंतर आंदोलन: अभिजीत दीपके का ऐलान, ‘अब सरकार खुद बातचीत के लिए हमारे पास आए’
दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था और कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना रुख और सख्त कर दिया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन अपनी मांगों पर कायम है और अब सरकार से बातचीत के लिए उनके प्रतिनिधि जंतर-मंतर आएं। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन लंबा चलेगा, लेकिन उनकी मांगों से पीछे हटने का सवाल नहीं है।
‘हमारी मांगों में कोई बदलाव नहीं हुआ’
मीडिया से बातचीत में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन की सभी प्रमुख मांगें पहले की तरह बरकरार हैं। उनके अनुसार, संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, आंदोलन से प्रभावित परिवारों को मुआवजा और सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग कर रहा है। ये CJP और अभिजीत दीपके की मांगें हैं।
सरकार से बातचीत पर बदला रुख
अभिजीत दीपके ने कहा कि अब CJP सरकार के प्रतिनिधियों से मिलने उनके कार्यालय या आवास नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार बातचीत करना चाहती है, तो उसके प्रतिनिधियों को जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से सीधे संवाद करना चाहिए। उनके मुताबिक, आंदोलनकारी अब अपने धरना स्थल से ही आगे की रणनीति तय करेंगे। यह अभिजीत दीपके का बयान है।
‘यह लंबी लड़ाई है, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे’
CJP प्रमुख ने कहा कि आंदोलन लंबा चल सकता है, लेकिन संगठन अपने उद्देश्य से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और उन्हें विश्वास है कि उनकी मांगों पर अंततः सकारात्मक निर्णय होगा। यह उनका राजनीतिक बयान है।
जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर कई दिनों से विरोध-प्रदर्शन जारी है। इस आंदोलन में विभिन्न छात्र समूहों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी देखने को मिल रही है। हाल के दिनों में प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हुई हैं और कई विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की है।
सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
CJP के ताजा बयान के बाद अब सरकार की ओर से किसी नई वार्ता या प्रतिनिधिमंडल भेजने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। फिलहाल राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत होती है या नहीं, इस पर सभी की नजर रहेगी।