आठ सूत्रीय मांगों को लेकर राजगढ़ में सफाई कर्मियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन तेज, तीसरे दिन भी काम ठप
अलवर जिले के राजगढ़ कस्बे में वाल्मीकि सेना के नेतृत्व में नगरपालिका के ठेका सफाई कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को आंदोलन का तीसरा दिन रहा, जिसमें सफाई कर्मियों ने कार्य का पूर्ण बहिष्कार कर कस्बे के मुख्य मार्गों पर जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की।
सफाई कर्मी हाथों में झाड़ू लेकर रैली के रूप में पं. भवानी सहाय चौक से रवाना हुए। यह रैली चौपड़, कांकवाड़ी और सराय बाजार से होते हुए मांदरीन मार्ग स्थित सार्वजनिक विश्राम गृह पहुंची, जहां नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया गया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रमन निदानिया, डालचंद सारसर और संगीता देवी ने बताया कि ठेका सफाई कर्मचारियों को लंबे समय से नियमित वेतन नहीं मिल रहा है और उन्हें न्यूनतम मजदूरी से भी वंचित रखा जा रहा है। साथ ही पिछले एक वर्ष से ईपीएफ और ईएसआईसी की सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं। कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश तक नहीं मिल रहा, जबकि यह उनका अधिकार है।
सफाई कर्मियों ने मांग की है कि नगरपालिका में कार्यरत गैर-वाल्मीकि कर्मचारियों को उनके मूल कार्य पर लगाया जाए, ठेका प्रथा समाप्त कर सभी सफाई कर्मचारियों को संविदा पर लिया जाए तथा केंद्र सरकार के निर्देशानुसार अकुशल श्रमिकों को 783 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जाए।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
इधर, सफाई कार्य पूरी तरह ठप होने से कस्बे के गली-मोहल्लों में कचरे के ढेर लग गए हैं और नालियां कीचड़ से भर गई हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।