दुबई की फ्लाइट में यात्रियों की जान बचाने वाले राजस्थान के रामोतार को UAE राष्ट्रपति ने दिया बड़ा सम्मान
राजस्थान के चूरू जिले के सादुलपुर निवासी रामोतार गोस्वामी को संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति ने प्रतिष्ठित ‘फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद द्वितीय’ सम्मान से सम्मानित किया है। फ्लाई दुबई के केबिन क्रू सदस्य रामोतार ने दुबई से इजराइल जा रही उड़ान में गंभीर आपात स्थिति के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्था संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पूरी टीम के साहस और सामूहिक प्रयासों से विमान की सुरक्षित आपात लैंडिंग हुई और यात्रियों की जान बचाई जा सकी।

CHURU, 05 NOV. 2026:
चूरू के रामोतार को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान
चूरू जिले के सादुलपुर निवासी रामोतार गोस्वामी ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और साहस से राजस्थान का नाम रोशन किया है। वे वार्ड दो स्थित महाराणा प्रताप चौक के निवासी हैं। उनके पिता का नाम ओमप्रकाश गोस्वामी है। रामोतार फ्लाई दुबई में केबिन क्रू सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। विमान में आई गंभीर आपात स्थिति के दौरान उन्होंने जिम्मेदारी निभाते हुए यात्रियों की सुरक्षा और सहायता पर ध्यान केंद्रित रखा। उनके इसी योगदान को देखते हुए यूएई के राष्ट्रपति ने उन्हें और उनकी टीम को प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया।
आपात स्थिति में केबिन क्रू ने संभाली जिम्मेदारी
परिजनों के अनुसार, 30 सितंबर 2026 को दुबई से इजराइल जा रही फ्लाई दुबई की उड़ान में कॉकपिट में अप्रत्याशित घटना हुई थी। इससे विमान में गंभीर आपात स्थिति बन गई। ऐसे समय में भारतीय मूल के कैप्टन सुमित मच्छर ने धैर्य और सूझबूझ से विमान को संभाला। वहीं, केबिन क्रू के अन्य सदस्यों ने यात्रियों को सुरक्षित रखने और विमान में व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाई। रामोतार गोस्वामी ने भी संकट के दौरान यात्रियों की सहायता की। टीम के सामूहिक प्रयासों से विमान की सुरक्षित आपात लैंडिंग संभव हो सकी।
यूएई राष्ट्रपति ने पूरी टीम को किया सम्मानित
रामोतार के भाई हेमंत गोस्वामी के मुताबिक, यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने 27 अक्टूबर 2026 को पूरी टीम को ‘फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद द्वितीय’ सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह सम्मान विमान में मौजूद कर्मचारियों के साहस, जिम्मेदारी और संकट के समय किए गए प्रयासों की पहचान है।
कॉकपिट में हुई थी हिंसक झड़प
उपलब्ध विवरण के अनुसार, फ्लाई दुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के करीब ढाई घंटे बाद कॉकपिट में हिंसक झड़प हुई। आरोप है कि ओमानी को-पायलट ने भारतीय मूल के कैप्टन स्मित माछड़ पर चाकू से हमला कर दिया। इस दौरान विमान से इमरजेंसी और हाईजैक अलर्ट जारी हुआ। विमान तेजी से नीचे आने लगा। इसी बीच आगे बैठे तीन इजरायली यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू किया। इसके बाद अन्य पायलटों ने विमान की कमान संभाली।
सऊदी अरब में हुई विमान की सुरक्षित लैंडिंग
घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। घायल कैप्टन की जान बचाने में विमान में मौजूद एक इजरायली डेंटिस्ट ने भी मदद की। वहीं, केबिन क्रू सदस्यों ने यात्रियों की सुरक्षा और सहायता में अहम भूमिका निभाई। इस पूरे घटनाक्रम में अलग-अलग लोगों के साहस और सूझबूझ से बड़ा हादसा टल सका। रामोतार गोस्वामी का योगदान भी इसी टीम प्रयास का हिस्सा रहा।
राजस्थान के युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
सादुलपुर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान हासिल करना रामोतार और उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है। उनकी उपलब्धि से चूरू जिले में खुशी का माहौल है। परिजनों, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों ने इसे राजस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है। यह सम्मान बताता है कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य, जिम्मेदारी और टीम भावना कितनी महत्वपूर्ण होती है। रामोतार की सफलता प्रदेश के युवाओं को अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देती है।
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