यूपी विधानसभा के बाहर सपा का अनोखा प्रदर्शन, दूध-पानी और डीएपी-यूरिया के साथ सरकार को घेरा
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने अलग अंदाज में विरोध प्रदर्शन कर सरकार को निशाने पर लिया। विधायक अतुल प्रधान दूध और पानी के डिब्बे लेकर पहुंचे, जबकि विधायक सचिन यादव डीएपी और यूरिया के बोरे लेकर विधानसभा पहुंचे। दोनों नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगते हुए प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया।
दूध-पानी के जरिए सरकार से उठाए सवाल
सपा विधायक अतुल प्रधान विधानसभा परिसर के बाहर दूध और पानी के डिब्बे लेकर पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस पुराने बयान का उल्लेख किया, जिसमें “दूध का दूध और पानी का पानी” करने की बात कही गई थी। अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े कथित मामले में सरकार ने अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं की है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर कार्रवाई और जांच की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
डीएपी और यूरिया के बोरे लेकर किसानों की समस्या उठाई
वहीं सपा विधायक सचिन यादव किसानों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए डीएपी और यूरिया के बोरे लेकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो रही है, जिससे खेती प्रभावित हो रही है। उनका कहना था कि सरकार को किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए।
अनुपूरक बजट पर भी सरकार को घेरा
अतुल प्रधान ने योगी सरकार के अनुपूरक बजट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नया बजट पेश करने से पहले सरकार को यह बताना चाहिए कि पहले आवंटित बजट का कितना हिस्सा खर्च हुआ और कितना शेष है। उन्होंने सरकार से अपने पुराने वादों और योजनाओं का हिसाब जनता के सामने रखने की मांग की।
मदरसा शिक्षा पर बयान से बढ़ी राजनीतिक बहस
विधान परिषद में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आतंकवाद के संदर्भ में मदरसा शिक्षा को लेकर बयान दिया। इस पर समाजवादी पार्टी के विधायक बृजेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि सरकार धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए उठाती है। इस बयान के बाद सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई, जिससे मानसून सत्र का माहौल और अधिक गरमा गया।