जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में अयोध्या में सपा का प्रदर्शन
रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रशासन की प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई के विरोध में समाजवादी पार्टी ने अयोध्या में प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। वहीं प्रशासन का कहना है कि यह कदम नियमानुसार और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत उठाया जा रहा है।
सपा ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक तेज नारायण पांडे ‘पवन पांडे’ के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में नारे लगाए और जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मांग की गई कि प्रस्तावित कार्रवाई पर रोक लगाई जाए तथा संबंधित पक्ष को कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने और आवश्यक कमियां दूर करने का अवसर दिया जाए।
सपा ने सरकार पर लगाए राजनीतिक आरोप
प्रदर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में पवन पांडे ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय से जुड़े दस्तावेजों या निर्माण में कोई कमी है तो उसे नियमानुसार सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए। उनका आरोप था कि किसी शैक्षणिक संस्थान को ध्वस्त करने के बजाय कानून के दायरे में रहकर समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार्रवाई राजनीतिक कारणों से प्रेरित प्रतीत होती है और सरकार दोहरे मानदंड अपना रही है।
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प्रशासन ने कार्रवाई को बताया कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा
रामपुर प्रशासन का कहना है कि जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में कुछ निर्माण उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। प्रशासन की ओर से संबंधित पक्ष को निर्धारित समय के भीतर कथित अवैध निर्माण स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का पालन नहीं होने पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सक्षम प्राधिकारी और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप उठाया जा रहा है।
कानूनी प्रक्रिया और राजनीतिक बहस दोनों जारी
जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर समाजवादी पार्टी कार्रवाई का विरोध कर रही है और कानूनी अवसर देने की मांग उठा रही है, वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया कानून के तहत आगे बढ़ाई जा रही है। अब इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।