CM भगवंत मान की पत्नी पर 5 करोड़ रिश्वत का आरोप, SAD ने DGP को लिखा पत्र; CBI जांच की मांग
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर पर रेप के आरोपी की मदद के लिए 5 करोड़ रुपये लेने के लगाए गए आरोपों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने मामले की जांच की मांग करते हुए पंजाब के DGP को पत्र लिखा है। पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से भी मिला और मामले की CBI जांच की मांग रखी।
अकाली दल की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद मुख्यमंत्री की पत्नी गुरप्रीत कौर पहले ही इन्हें निराधार बता चुकी हैं और आरोप साबित करने की चुनौती देते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दे चुकी हैं।
SAD ने DGP से की कार्रवाई की मांग
शिरोमणि अकाली दल ने इस पूरे मामले को लेकर पंजाब के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि रेप के एक आरोपी को पुलिस कार्रवाई से राहत मिली और इस मामले में मुख्यमंत्री की पत्नी की कथित भूमिका की जांच होनी चाहिए।
SAD का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों में पुलिस की कार्रवाई किस आधार पर हुई और उसे राहत कैसे मिली।
सुखबीर बादल बोले- आरोपी को मिली क्लीन चिट
राज्यपाल से मुलाकात के बाद SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मीडिया से बातचीत में इस मामले को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए।
बादल के मुताबिक, अमेरिकी नागरिक गुरी चहल पर दो महिलाओं से रेप के आरोप हैं। उन्होंने दावा किया कि एक मामला मोहाली और दूसरा अमृतसर में दर्ज कराया गया था। उनके अनुसार, अमृतसर मामले में पीड़िता ने CrPC की धारा 164 के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया था।
सुखबीर बादल ने आरोप लगाया कि आरोपी ने मुख्यमंत्री की पत्नी से संपर्क किया, जिसके बाद दोनों मामलों में उसे पुलिस की ओर से क्लीन चिट मिल गई और वह जमानत पर बाहर आ गया।
हालांकि, ये सभी दावे SAD और सुखबीर सिंह बादल की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
‘CBI से हो पूरे मामले की जांच’
सुखबीर बादल ने राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात के दौरान इस मामले की CBI जांच कराने की मांग की।
उनका कहना है कि मामले की जांच पंजाब पुलिस के बजाय किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए, ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो सके।
अकाली दल ने यह भी सवाल उठाया है कि अगर आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है तो इसकी जांच के जरिए स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री आवास को लेकर भी बादल का हमला
SAD अध्यक्ष ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री आवास को लेकर भी तीखी टिप्पणी की।
बादल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का घर गलत कामों और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। उन्होंने यह दावा भी किया कि ED ने कथित तौर पर मामले से जुड़े सबूत जुटाए और पंजाब पुलिस से FIR दर्ज करने को कहा, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया।
हालांकि, ED की ओर से इस मामले में FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए जाने संबंधी बादल के दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
हरसिमरत कौर ने भी लगाए थे गंभीर आरोप
इससे पहले SAD सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी गुरप्रीत कौर पर इसी मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।
उन्होंने पंजाब में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि रेप के आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है। हरसिमरत कौर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री की पत्नी ने पैसे लेकर रेप के आरोपी को बचाने में मदद की।
उन्होंने इसे पंजाब की महिलाओं और पीड़ित परिवारों के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया था। हालांकि, ये आरोप भी राजनीतिक बयान के तौर पर सामने आए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गुरप्रीत कौर ने आरोपों को बताया था निराधार
मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर इन आरोपों को पहले ही खारिज कर चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाने वालों को चुनौती दी थी कि यदि उनके पास आरोपों को साबित करने के लिए सबूत हैं तो उन्हें सामने लाया जाए।
गुरप्रीत कौर ने यह भी कहा था कि निराधार आरोप लगाने वालों के खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं।
इस तरह मामले में एक तरफ SAD की ओर से गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की जा रही है, जबकि दूसरी ओर मुख्यमंत्री की पत्नी आरोपों को निराधार बता रही हैं।
5 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास घेरने की तैयारी
इस विवाद को लेकर अकाली दल की महिला विंग की कार्यकर्ताओं ने 5 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है।
पार्टी का कहना है कि वह इस मामले में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएगी।
अब नजर इस बात पर है कि पंजाब पुलिस और राज्य सरकार इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और क्या आरोपों की जांच के लिए कोई स्वतंत्र जांच एजेंसी नियुक्त की जाती है।
आरोपों की जांच से ही साफ होगी तस्वीर
मुख्यमंत्री की पत्नी पर लगाए गए 5 करोड़ रुपये की रिश्वत और रेप आरोपी को मदद पहुंचाने के आरोपों ने पंजाब की राजनीति को गरमा दिया है। SAD ने DGP को पत्र लिखने के साथ राज्यपाल के सामने भी CBI जांच की मांग रखी है।
दूसरी ओर, गुरप्रीत कौर इन आरोपों को निराधार बता चुकी हैं। ऐसे में फिलहाल मामले की वास्तविक स्थिति आरोप-प्रत्यारोप के बीच है। यदि आधिकारिक जांच शुरू होती है तो दस्तावेजों, पुलिस रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पूरे मामले में वास्तविक तथ्य क्या हैं।