ड्राइविंग लाइसेंस पर नया सिस्टम! नियम तोड़ा तो कटेंगे Points, छिन सकता है DL
इंट्रो:
अगर आप सड़क पर वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हैं तो आने वाले समय में इसका असर आपके ड्राइविंग रिकॉर्ड पर पड़ सकता है। केंद्र सरकार ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) से जुड़े ग्रेडेड पॉइंट्स सिस्टम लाने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक, इस व्यवस्था के तहत ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन चालक के रिकॉर्ड में नेगेटिव पॉइंट्स जोड़े जा सकते हैं। तय सीमा तक पॉइंट्स पहुंचने पर लाइसेंस सस्पेंड होने से लेकर गंभीर मामलों में स्थायी रूप से रद्द किए जाने तक की कार्रवाई का प्रावधान हो सकता है।
नियम तोड़ा तो रिकॉर्ड में जुड़ेंगे नेगेटिव पॉइंट्स
प्रस्तावित ग्रेडेड पॉइंट्स सिस्टम का उद्देश्य बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर लगाम लगाना है। इसके तहत किसी चालक के ट्रैफिक उल्लंघन का रिकॉर्ड तैयार किया जा सकता है और नियम तोड़ने पर उसके खाते में नेगेटिव पॉइंट्स जुड़ेंगे। यानी किसी एक गलती के बजाय चालक के पूरे ड्राइविंग व्यवहार को ध्यान में रखकर कार्रवाई की व्यवस्था तैयार की जा रही है। पॉइंट्स की संख्या और अलग-अलग उल्लंघनों के लिए तय होने वाले नियमों की विस्तृत जानकारी सरकार की अंतिम व्यवस्था सामने आने के बाद स्पष्ट होगी।
तय सीमा पर पहुंचते ही सस्पेंड हो सकता है DL
प्रस्तावित व्यवस्था में नेगेटिव पॉइंट्स की एक सीमा तय की जा सकती है। अगर किसी वाहन चालक के पॉइंट्स निर्धारित सीमा तक पहुंचते हैं तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस कुछ समय के लिए सस्पेंड किया जा सकता है। इसका मकसद उन वाहन चालकों को नियंत्रित करना है, जो बार-बार नियमों का उल्लंघन करते हैं। फिलहाल अलग-अलग ट्रैफिक उल्लंघनों पर कितने पॉइंट्स कटेंगे और कितने पॉइंट्स पर लाइसेंस सस्पेंड होगा, इसका अंतिम विवरण सामने आना बाकी है।
बार-बार नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्ती
इस सिस्टम में खास जोर बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले चालकों पर हो सकता है। लगातार उल्लंघन करने वालों का ड्राइविंग रिकॉर्ड खराब होगा और गंभीर मामलों में उनके खिलाफ ज्यादा कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। प्रस्तावित व्यवस्था का मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि वाहन चालकों के व्यवहार में सुधार लाना बताया जा रहा है। गंभीर या लगातार नियम तोड़ने की स्थिति में लाइसेंस को स्थायी रूप से रद्द करने जैसी कार्रवाई भी संभव हो सकती है।
अच्छे ड्राइविंग रिकॉर्ड वालों को मिल सकता है फायदा
प्रस्तावित सिस्टम में सिर्फ नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की बात नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी से वाहन चलाने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने की संभावना भी है। जिन ड्राइवरों का रिकॉर्ड अच्छा रहेगा, उन्हें इस व्यवस्था के तहत लाभ मिल सकता है। इसका एक संभावित फायदा इंश्योरेंस से भी जुड़ा हो सकता है। अच्छे ड्राइविंग रिकॉर्ड वाले वाहन चालकों को बीमा कंपनियों की ओर से इंसेंटिव या बेहतर शर्तों का लाभ मिलने की संभावना बताई गई है। हालांकि इसके लिए बीमा कंपनियों की ओर से लागू किए जाने वाले नियम अलग से स्पष्ट होंगे।
सरकार का मकसद सड़क हादसों में कमी लाना
ग्रेडेड पॉइंट्स सिस्टम के पीछे सरकार का प्रमुख उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और ट्रैफिक नियमों के पालन को बढ़ावा देना है। भारत में तेज रफ्तार, लापरवाही से ड्राइविंग और अन्य ट्रैफिक उल्लंघन सड़क हादसों की बड़ी वजहों में शामिल हैं। ऐसे में सरकार चाहती है कि वाहन चालक सिर्फ चालान के डर से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के साथ सड़क पर वाहन चलाएं। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो ड्राइविंग रिकॉर्ड को ट्रैफिक नियमों के पालन से जोड़ने की दिशा में यह बड़ा बदलाव हो सकता है।
अभी लागू नहीं हुआ है नया पॉइंट्स सिस्टम
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ग्रेडेड पॉइंट्स सिस्टम को लेकर सरकार की तैयारी और घोषणा की जानकारी सामने आई है, लेकिन इसे मौजूदा नियम के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। पॉइंट्स की संख्या, उल्लंघन की श्रेणियां, लाइसेंस सस्पेंशन की सीमा और स्थायी रद्दीकरण जैसे प्रावधानों की अंतिम जानकारी आधिकारिक नियम जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए फिलहाल वाहन चालकों को मौजूदा ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित ड्राइविंग पर ध्यान देना चाहिए।