राजस्थान को मिलेगा पहला पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर, अजमेर JLN अस्पताल में 24 घंटे मिलेगी विशेषज्ञ सलाह
राजस्थान में सांप के काटने से होने वाली मौतों को कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार के नेशनल स्नेक बाइट एनवेनमिंग प्रोग्राम के तहत प्रदेश का पहला पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर (PIC) अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल में स्थापित किया जा रहा है। यह केंद्र राज्यभर के डॉक्टरों को चौबीसों घंटे विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा। साथ ही सांपों के विष पर शोध, स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण और उपचार प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सांप काटने के मामलों में मिलेगा 24 घंटे विशेषज्ञ मार्गदर्शन
अजमेर स्थित जेएलएन अस्पताल में बनने वाला पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर प्रदेश का पहला ऐसा संस्थान होगा, जहां विष विज्ञान (टॉक्सिकोलॉजी) के विशेषज्ञ चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे। यदि राजस्थान के किसी भी जिले में सांप काटने का मामला सामने आता है तो संबंधित अस्पताल के डॉक्टर सीधे इस सेंटर से संपर्क कर सकेंगे। मरीज के लक्षण, संभावित सांप की प्रजाति और विष के प्रभाव का आकलन कर विशेषज्ञ उपचार संबंधी आवश्यक सलाह देंगे। इससे समय पर सही इलाज शुरू होने की संभावना बढ़ेगी और गंभीर मामलों में जान बचाने में मदद मिलेगी।
हर साल हजारों लोगों की जाती है जान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान में हर वर्ष करीब 2,700 लोगों की मौत सांप के काटने से होती है, जबकि देशभर में यह आंकड़ा लगभग 60 हजार तक पहुंच जाता है। कई मामलों में समय पर सही उपचार नहीं मिलने के कारण मरीजों की स्थिति गंभीर हो जाती है और कभी-कभी प्रभावित अंग काटने तक की नौबत आ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्राथमिक स्तर पर सही चिकित्सा सलाह और उचित एंटी-वेनम उपचार समय पर मिल जाए तो बड़ी संख्या में मौतों और गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है।
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रिसर्च और प्रशिक्षण का भी बनेगा प्रमुख केंद्र
पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर केवल आपातकालीन सलाह देने तक सीमित नहीं रहेगा। यहां डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को स्नेक बाइट प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके अलावा राजस्थान में पाए जाने वाले विभिन्न जहरीले सांपों, उनके विष की प्रकृति और उपचार पद्धतियों पर वैज्ञानिक शोध भी किया जाएगा। इससे भविष्य में उपचार प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी तथा राज्य में विषैले जीवों से जुड़े मामलों के बेहतर प्रबंधन का आधार तैयार होगा।
दो महीने में शुरू हो सकता है सेंटर का संचालन
केंद्र सरकार ने लगभग छह महीने पहले राजस्थान में पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर स्थापित करने की मंजूरी दी थी और इसके लिए अजमेर के जेएलएन अस्पताल का चयन किया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार अगले दो महीनों के भीतर इस सेंटर का संचालन शुरू होने की संभावना है। इस परियोजना के लिए मेडिसिन विभाग के डॉ. मुनेश कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे सेंटर की स्थापना, संचालन और समन्वय से जुड़े सभी कार्यों की निगरानी करेंगे ताकि यह सुविधा जल्द से जल्द आम लोगों के लिए उपलब्ध हो सके।