राजस्थान में सरपंच से जिला प्रमुख तक 5 साल रहेगा कार्यकाल, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने किया स्पष्ट
राजस्थान में पंचायत चुनाव 2026 के बीच सरपंच, प्रधान और जिला प्रमुख के कार्यकाल को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति स्पष्ट हो गई है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद का कार्यकाल पहले की तरह पांच वर्ष ही रहेगा। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के कार्यकाल में किसी बदलाव की जानकारी नहीं दी गई है।

JAIPUR, 06 NOV. 2026:
सरपंच से जिला प्रमुख तक पांच साल की जिम्मेदारी
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह के अनुसार, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद का कार्यकाल पांच वर्ष निर्धारित है। इनके निर्वाचित पदाधिकारियों और सदस्यों का कार्यकाल भी पांच साल ही रहेगा। ग्राम पंचायत में सरपंच, उपसरपंच और वार्ड पंच इसी अवधि तक पद पर रहेंगे। वहीं पंचायत समिति में प्रधान, उपप्रधान और सदस्य का कार्यकाल भी पांच वर्ष होगा। जिला परिषद में जिला प्रमुख, उपप्रमुख और सदस्यों के लिए भी यही व्यवस्था लागू रहेगी।
कार्यकाल बदलने की चर्चाओं पर स्पष्टीकरण
पंचायत चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर जनप्रतिनिधियों के कार्यकाल को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे थे। इन चर्चाओं के बीच मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि कार्यकाल में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने लोगों से अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों से सावधान रहने की अपील की। इस स्पष्टीकरण से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों और ग्रामीण मतदाताओं के बीच बनी असमंजस की स्थिति दूर करने में मदद मिलेगी।
प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों में चुनाव
राजस्थान में पंचायत चुनाव 2026 के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने चार चरणों में चुनाव कराने का कार्यक्रम घोषित किया है। इसके तहत प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों, 457 पंचायत समितियों और 41 जिला परिषदों में चुनाव हो रहे हैं। चुनाव कार्यक्रम के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सरपंच से लेकर जिला परिषद सदस्य तक के पदों पर उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। ऐसे में कार्यकाल को लेकर आया स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आधिकारिक सूचना पर ही करें भरोसा
चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली हर जानकारी सही नहीं होती। इसलिए मतदाताओं और प्रत्याशियों को चुनाव से जुड़े नियमों और फैसलों की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से करनी चाहिए। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के स्पष्टीकरण के अनुसार, इस बार चुने जाने वाले पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल पांच वर्ष ही रहेगा।
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